सरकारी पॉलिटेक्निक में 3 वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की मांग

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सांसद छोटेलाल खरवार को सौंपा पत्र

म्योरपुर, सोनभद्र । सोनभद्र जिले के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा कोर्स संचालित करने की मांग को लेकर रविवार को सोनभद्र (रॉबर्ट्सगंज) संसदीय क्षेत्र के सांसद छोटेलाल खरवार को पत्र सौंपा गया। पत्र म्योरपुर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता प्रशांत कुमार दुबे ने दिया।“सोनभद्र खनन की दृष्टि से अग्रणी जिला”
प्रशांत दुबे ने बताया कि सोनभद्र जिला खनन की दृष्टि से पूरे प्रदेश में आगे है। यहां पत्थर और कोयले की माइंस हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में एकमात्र सोनभद्र जिला ही है जहां कोल माइंस हैं।
उन्होंने कहा कि NCL, NTPC और नाल्को समेत तमाम सरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर में माइनिंग के व्यापक स्कोप हैं। जिले में छोटे-बड़े कई औद्योगिक खन संचालित हैं जहां आदिवासी सहित अन्य वर्ग के लोग माइनिंग कोर्स की पढ़ाई कर खनन कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं।“युवाओं को रोजगार का मिलेगा अवसर”
दुबे ने मांग की कि यदि तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा कोर्स सोनभद्र में शुरू हो जाए तो कोल इंडिया जैसी सरकारी कंपनियों और पत्थर माइंस में जिले के युवाओं को सरकारी व प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां मिल सकती हैं। इससे उनकी आजीविका का एक अच्छा साधन उपलब्ध होगा। उन्होंने यह भी बताया कि माइनिंग डिप्लोमा की पढ़ाई से न सिर्फ खनन की तकनीकी जानकारी मिलेगी, बल्कि माइंस क्षेत्र में पाई जाने वाली गैस के बारे में भी जानकारी होगी। साथ ही अन्य प्रदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। उत्तर प्रदेश में केवल ललितपुर में है सुविधा
प्रशांत दुबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अभी केवल ललितपुर जिले के तालबेहट में ही तीन वर्षीय माइनिंग डिप्लोमा कोर्स संचालित है। सोनभद्र जैसे खनन बहुल जिले में यह कोर्स शुरू होने से स्थानीय युवाओं को सबसे अधिक लाभ होगा।

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