भागवत कथा श्रवण से सभी दोष होते हैं दूर, जीवन में होता है मंगल:आचार्य सौरभ

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

बरैला महादेव मंदिर में भागवत सप्ताह के चतुर्थ दिवस मनाया गया एकादशी व्रत और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के बरैला महादेव मंदिर प्रांगण में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर चल रहे श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के चतुर्थ दिवस गुरुवार को एकादशी व्रत एवं भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया।
आचार्य सौरभ भारद्वाज ने भागवत पुराण के अंतर्गत एकादशी का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि सूर्य या चंद्र ग्रहण के दिन, एकादशी के दिन, किसी सगे-संबंधी के प्राणांत पर, श्रीराम नवमी, कृष्ण जन्माष्टमी, कन्या विवाह के दिन और ब्राह्मण को निमंत्रण देने पर ब्राह्मण भोजन न करने तक अन्न-चावल ग्रहण नहीं करना चाहिए। जो व्यक्ति ऐसा करता है उसके जीवन में सदैव मंगल होता है और अंत में वह भगवान के धाम को प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि जो एक बार श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ की कथा श्रवण कर लेता है, उसे कोई दोष स्पर्श नहीं करता।
श्रीधाम अयोध्या से पधारे मनीष शरण महाराज ने मंच से ध्रुव चरित्र, राजा बलि प्रसंग और श्री रघुवंश का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। 11 वैदिक विद्वानों के वेद मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र गूंजायमान हो रहा है।
यज्ञ कमेटी अध्यक्ष अखिलेश चतुर्वेदी ने क्षेत्रवासियों से अधिक संख्या में कथा श्रवण का आग्रह किया। परीक्षित के रूप में मुख्य यजमान अरविंद सिंह, चितेश बहादुर सिंह, बृज बहादुर सिंह, सहयोगी यजमान संदीप कुमार सिंह, हीरामणि पांडे व महामंत्री रवि प्रकाश पांडे ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर बबलू सिंह, मोहन सिंह, विक्की सिंह राजपूत, मुकेश पांडेय आदि उपस्थित रहे।

Leave a Comment

1494
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?