अमित मिश्रा
घोरावल (सोनभद्र) । जनपद के घोरावल तहसील क्षेत्र अंतर्गत भैसवार ग्राम सभा में चकबंदी विभाग की कथित लापरवाही और धांधली के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। बीते 43 दिनों से सैकड़ों किसान लगातार धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन और विभागीय अमले की चुप्पी से किसान आक्रोशित हैं।
किसानों का आरोप है कि चकबंदी अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। विभाग दबंगों से साठगांठ कर किसानों की जमीनों पर कब्जा कराने की साजिश रच रहा है। किसान खुलेआम कह रहे हैं कि चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी कर उनकी पुश्तैनी जमीनों पर संकट खड़ा कर दिया गया है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चकबंदी विभाग सुधारात्मक कार्रवाई नहीं कर रहा। किसानों का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो भैसवार में भी उम्भा जैसा नरसंहार दोहराया जा सकता है। गौरतलब है कि घोरावल क्षेत्र के उम्भा गांव में जमीन विवाद को लेकर पूर्व में बड़ा खूनी संघर्ष और नरसंहार हो चुका है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

आंदोलनरत किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय प्रशासन और चकबंदी विभाग की चुप्पी ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है।
किसानों ने साफ किया है कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यदि शासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए तो हालात बिगड़ सकते हैं। भैसवार गांव में लगातार सैकड़ों किसान अपने परिवार और बच्चों के साथ धरने पर डटे हुए हैं।
जमीन पर मंडरा रहा खतरा, चकबंदी में गड़बड़ी से किसान परेशान, प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप।







