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घुट घुट कर मैं जी रही हूँ, खून के आंसू पी रही हूँ

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राजेश कुमार पाठक

हिन्दी दिवस पर हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन


सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। हिन्दी दिवस के अवसर पर दयानंद साहित्य संस्थान के तत्वावधान में साहित्य गोष्ठी का आयोजन कचहरी में रविवार को आयोजित किया गया। वाणी वंदना व वाग्देवी के चित्र पर माल्यार्पण दीपदान के पश्चात ओज श्रृंगार की श्रेष्ठ कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने दिनकर भूषण चंद की धार, सरहद की निगहबान है हिन्द सुनाकर समसामयिक रचना से सबका मन मोह लिया।

कवयित्री दिव्या राय ने हिंदी की दुर्दशा पर नवगीत घुट घुट कर मैं जी रही हूँ, खून के आंसू पी रही हूँ सुनाकर हिंदी की पीड़ा को उकेरा जिसे सराही गयी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ओज के कवि प्रभात सिंह चन्देल ने जय जगत जननी जनम भू वीर मातु वसुंधरा सुनाकर आयोजन को मुखरित किया। हास्य कवि सुनील चौचक ने बासी भात पर बेना जिनि हौंका, बनल बाप के बिगरल बेटवा एतना मति फौंका सुनाकर खूब हंसाया।

वही कार्यक्रम का संचालन कर रहे गीतकार दिलीप सिंह दीपक ने बुजुर्गों ने लहू देकर रक्खी है आबरू इसकी तुम सब कुछ बेंच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो सुनाकर सत्ता को नसीहत दी। राष्ट्रवाद के मुखर स्वर प्रदुम्न त्रिपाठी एड शहीद स्मारक करारी प्रमुख ने बंदूक तोप खंजर की बात मत करिये खूनी मंजर की बात मत करिये सुनाया और समरसता सदभाव को स्वर दिया। शायर अशोक तिवारी ने खौफ है नहीं कोई धूप में नहाने से, कवि जय राम सोनी ने नीमन नीमन बाति सुना के आगि लगवला पानी में, दिवाकर मेघ ने आदमी के पास से अब जा रहा है आदमी। 

संयोजक दयानंद दयालू ने पर्यावरण पर उजड़ल जाता बाग बगैचा घर लागैला सूना, कवि धर्मेश चौहान एड ने टीबी एवं बीवी हास्य रचना साथ ही देश गीत, चीन पाकिस्तान के लिए महाकाल हैं हम सुनाकर गतिज उर्जा का संचरण किये।

सोन साहित्य संगम के राकेश शरण मिश्र ने रक्खो खुद हौसला दिल में वह मंजर भी आयेगा, प्यासे के पास चलकर समंदर भी आयेगा सुनाकर आशा वादी दृष्टिकोण को इंगित किया। सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने तिरंगे में सजे अर्थी बजे धुन राष्ट्र गीतों की जनाजा जब मेरा निकले वतन के वास्ते निकले सुनाकर देश भक्ति का संचार किया।

सोन संगीत फाउंडेशन प्रमुख सुशील मिश्रा की गीत प्रस्तुति करण से महफिल रौशन हुई जो सीमा के जवान वीर सैनिकों को समर्पित थी।

वही कार्यक्रम का आभार दयानंद दयालू ने व्यक्त किया आयोजन देर शाम तक चलता रहा।

इस अवसर पर ऋषभ तिवारी, अनीषा चौहान, हर्ष चौहान, फारुख अली, गोपाल मोदनवाल, पुरुषोत्तम कुशवाहा, ठाकुर मौर्य , जयशंकर त्रिपाठी एड, संदीप कुमार शुक्ल एड, देवानंद पांडेय एड आदि लोग मौजूद  रहे।

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