Trending News
इस्लामिया मिल्लत सोसायटी का चुनाव संपन्न, 274 मत पाकर सुहेल खान बने सदर ग्रामीण स्कूलों के छात्रों का सपना हुआ सच, PM श्री के बच्चे करेंगे IIT दिल्ली, राष्ट्रपति भवन और साइंस सेंटर का भ्रमण – DM ने दिखाई हरी झंडी नौगढ़ में विस्फोटक गोला खाने से भैंस की मौत, पशुपालक ने डीएफओ और एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की SP नेता अविनाश कुशवाहा ने चुनाव आयोग को बताया ‘वोट चोर’, बोले- SIR के नाम पर 51386 वोट काटे, DM से लेकर BLO तक सब मिलीभगत में शामिल आईएएसओडब्ल्यूए के कार्यक्रम में छाए जनपद सोनभद्र के उत्पाद,’सोन अर्थ’ गिफ्ट हैंपर वरिष्ठ अधिकारियों को किए भेंट सोनभद्र में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, आरोपी की 23.86 लाख की संपत्ति फ्रीज

आदिवासी समाज एकजुट होगा तो फुट डालो की राजनीति खत्म हो जाएगी: सांसद

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

नवीन कुमार

सोनांचल के हर आदिवासी का घर होगा पक्का , हर घर बिजली होगी : संजीव गोड़

अपने हक के लिए आदिवासियों को सड़क पर उतरना होगा:रोशनलाल

भारतीय संविधान को बचाने के लिए एकजुटता जरूरी: अविनाश

कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। आदिवासी समाज को एकजुट कर बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश हुकूमत से लड़ाई लड़ी और आज हम उनको अपने समाज का भगवान मनाते है। जल जगंल और जमीन के लिए वनवासी समाज के तिलका मांझी, रानी दुर्गावती ने लड़ाई लड़ी यह आज की पीढ़ी को बताना हम सबका नैतिक कर्तव्य बनता है। उक्त बातें कोन ब्लॉक के सलैयाडीह गांव में रविवार को आयोजित आदिवासी समागम और करमा पूजन समारोह का उद्घाटन करते हुए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री संजीव गोंड ने कहा।

इस कार्यक्रम का शुभारम्भ राज्यमन्त्री संजीव गोंड़, सांसद छोटेलाल खरवार, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, रोशन लाल यादव ने भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, रानी दुर्गावती और बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया।

इस दौरान प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने कहा कि भगवान विरसा मुंडा अमर रहें के नारे के साथ उन्होंने आदिवासियों का उत्साह बढ़ाया। कहा कि जल, जंगल, जमीन की लड़ाई को लेकर आपने देखा होगा कि कैसे भगवान विरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, तिलका मांझी ने अपने समाज की जल, जंगल, जमीन बचाया था। उसी तरह से आदिवासियों को संगठित होना पड़ेगा, हमारे समाज के बच्चे अभी तक अनपढ़ रह गए हैं जिन्हें किसी भी तरह शिक्षित करना होगा। केंद्र सरकार ने 2006 में वनाधिकारी क़ानून बनाया है, लेकिन अभी तक यह अधिकार पूर्ण रूप से नहीं मिला, सरकार से आग्रह करके आदिवासियों को पट्टा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हमने कहा कि सोनांचल के हर आदिवासी का घर पक्का हो और उन्हें बिजली मिले।


आदिवासी समागम और करमा पूजन समारोह का आयोजन कर रहे शंकर गोड़ व चन्द्र देव चेरो के आमंत्रण पर पहुंचे सोनाँचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रोशन लाल यादव ने उद्घाटन भाषण में बोलते हुए कहा कि सोनांचल में आज सोनांचल का आदिवासी दर्दनाक व्यथा के दौर से गुजर रहा है, सरकार ने उनके हक अधिकारों को न देकर उनकी दुर्दशा की जिम्मेदार बन बैठी है। सोनाँचल के आदिवासियों की पुश्तैनी जल, जंगल, जमीन से वनविभाग उजाड़ने पर आमादा है। एक भी आदिवासी युवक को सोनांचल की निजी कंपनियों ने नौकरी नहीं दिया, आज उनके पास अपनी जल, जंगल, जमीन के अलावा कोई भी रोजगार नहीं है। सोनाँचल के आदिवासियों की संस्कृति, पहचान और अस्मिता मिटाने पर बाहरी शोषणवादी ताकतें आमादा हैं जिन पर सरकार की कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। सोनाँचल में चरम सीमा पर उत्पादित खनिज संपदा का बेखौफ दोहन किया जा रहा है। 
रोशन लाल यादव ने सोनाँचल के आदिवासी नौजवानों का आह्वान किया कि बिना संगठित हुए ऐसे ही बाहरी लोग आपका हक अधिकार छिनता जाएगा, लामबंद होकर अपने हक अधिकारों के लिए सड़क पर हर हाल में उतरना पड़ेगा।


सांसद छोटेलाल खरवार ने कहा जो आदिवासी 25 साल से अपने जल,जंगल, जमीन पर काबिज है उसे कोई नहीं हटा पाएगा। आदिवासियों को शिक्षित होना पड़ेगा, आदिवासी जब आपस में मिलकर रहेगा तो फूट डालो की राजनीति खत्म हो जाएगी।

वही पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि अदिवासी समाज एक जुट हो जाये क्योंकि भारत के संविधान को बचाना है। उन्होंने कहा कि जब मैं विधायक था तब किसी अधिकारी कर्मचारी की हिम्मत नहीं थी कि उत्पीड़न कर सके। आज लोगों को रोजगार नही मिल रहा लोग परेशान हैं।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र जायसवाल ने किया।

उक्त मौके पर अमरेश चंद्र यादव, मुकेश यादव, विजय शंकर जायसवाल, अजय सिंह, चेरो पंकज चेरो, त्रिपुरारी गोंड़ आदि लोग मौजूद रहे।

IMG 20260928 WA0019
IMG 20260928 WA0020

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1554
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?