अमित मिश्रा
सोनभद्र (उत्तरप्रदेश) । यूपी के सोनभद्र जिले से देश के लोकतंत्र को हिला देने वाला मामला सामने आया है। जिले की रॉबर्ट्सगंज विधानसभा में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग को ही ‘वोट चोर’ करार दिया है और जिले के जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तक पूरे चुनावी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
25 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में अविनाश कुशवाहा ने दावा किया है कि SIR (Special Intensive Revision) के नाम पर भाजपा के इशारे पर सबसे बड़ा वोट चोरी का खेल खेला जा रहा है।
अविनाश कुशवाहा का सबसे बड़ा हमला – चुनाव आयोग है वोट चोर
रविवार को अपने आवास पर हुई पत्रकार वार्ता में अविनाश कुशवाहा ने कहा,

“चुनाव आयोग द्वारा वोट चोरी का पर्दाफाश हमारे नेता अखिलेश यादव जी ने पहले ही कर दिया है। एसआईआर की आड़ में रॉबर्ट्सगंज विधानसभा में 4180 नाम ऐसे जोड़े गए हैं जिनका नाम, पता, वल्दीयत और उम्र एक ही है, लेकिन अलग-अलग EPIC नंबर से वोटर लिस्ट में कई-कई बार उनका नाम है। यह भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत को दर्शाता है। चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट को सही करने के नाम पर बड़ी संख्या में विपक्ष, खासकर सपा के वोटरों के लगभग 51386 नाम काटे गए हैं। भाजपा अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव आयोग को प्रभावित कर धोखे से सत्ता पर काबिज होना चाहती है।
DM से BLO तक सब पर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व विधायक ने सिर्फ चुनाव आयोग ही नहीं, बल्कि सोनभद्र के जिला निर्वाचन अधिकारी, जिलाधिकारी और नीचे तक के सभी चुनाव अधिकारियों को दोषी बताया है।
उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर मांग की है कि –
- सोनभद्र की सभी विधानसभाओं में SIR के तहत काटे गए सभी मतदाताओं की फोटो युक्त सूची सभी राजनीतिक दलों को दी जाए।
- रॉबर्ट्सगंज के सभी बूथों पर मतदाता सूची की सघन जांच कराई जाए और BLO के माध्यम से घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए।
- जांच में दोहरे या अपात्र नाम मिलने पर निर्वाचन नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नया वोट बनवाने के लिए फॉर्म-6 जमा करने वाले युवाओं को कई BLO रिसीविंग नहीं दे रहे हैं और अंतिम समय में उनके आवेदन कूड़ेदान में फेंक दिए जाते हैं, जिसके कारण सैकड़ों युवा मतदान से वंचित रह जाते हैं।
अविनाश कुशवाहा ने कहा, “लोकतंत्र की मजबूती और निष्पक्ष चुनाव के लिए शुद्ध मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसमें वह पूरी तरह फेल हो चुका है।”
इस मामले के बाद सोनभद्र की राजनीति गरमा गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।









