अब तक 5.56 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई, शक्तिनगर पुलिस ने एनडीपीएस आरोपी पर कसा शिकंजा
सोनभद्र। नशे के अवैध कारोबार से अकूत संपत्ति खड़ी करने वालों पर सोनभद्र पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई करते हुए शक्तिनगर थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपी की 23 लाख 86 हजार रुपये की आवासीय संपत्ति फ्रीज कर दी है। खास बात यह है कि जनपद में अब तक छह मामलों में 5 करोड़ 56 लाख 25 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।
पूरा मामला शक्तिनगर थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, अनपरा थाना क्षेत्र के डिबुलगंज निवासी दीपक कुमार भारती के खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि से बनाई गई 23.86 लाख रुपये मूल्य की आवासीय संपत्ति को फ्रीज किया गया है।
संपत्ति फ्रीज करने का आदेश 21 अक्टूबर 2026 को जारी हुआ था, जिसके अनुपालन में 24 अक्टूबर को संबंधित आवासीय संपत्ति पर नोटिस चस्पा किया गया। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के सक्षम प्राधिकारी एवं न्यायनिर्णायक प्राधिकारी, नई दिल्ली ने भी फ्रीजिंग आदेश को अनुमोदित किया था।
अब तक 5.56 करोड़ से अधिक की कार्रवाई – सोनभद्र में नशे के कारोबार से जुड़ी संपत्तियों पर कार्रवाई का आंकड़ा बड़ा है। पुलिस के अनुसार अब तक छह मामलों में कुल 5 करोड़ 56 लाख 25 हजार 695 रुपये की संपत्ति जब्त/फ्रीज की जा चुकी है। इनमें रॉबर्ट्सगंज के दो, अनपरा का एक, शक्तिनगर के दो और म्योरपुर का एक मामला शामिल है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो रॉबर्ट्सगंज में कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में 4 करोड़ 50 लाख 13 हजार 541 रुपये, अनपरा में हेरोइन मामले में 26 लाख 62 हजार 165 रुपये, शक्तिनगर के एक मामले में 15 लाख 72 हजार 140 रुपये, रॉबर्ट्सगंज के दूसरे हेरोइन मामले में 1 लाख 08 हजार 156 रुपये और म्योरपुर में 38 लाख 83 हजार 693 रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई हुई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अनपरा और शक्तिनगर थानों में मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वर्ष 2019 में अनपरा थाने में मारपीट और धमकी समेत अन्य धाराओं में भी मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक के दिशा-निर्देशन और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।









