सोनभद्र में स्वास्थ्य विभाग की करतूत से बढ़ रहे मौत के आंकड़े: डॉ धर्मवीर तिवारी

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किसके इशारे पर सील अस्पताल दोबारा कैसे खुल रहे – उठ रहे सवाल…?

डॉ. धर्मवीर तिवारी ने जताई चिंता, बोले – नोडल 50 हजार से 1 लाख लेकर चलवा रहे अवैध अस्पताल

सोनभद्र। सन 1989 को मिर्जापुर जिले से अलग होकर नया जिला सोनभद्र बना तो लोगों को लगा कि अब जिले का विकास होगा और लोगों के जीवन में खुशहाली लौटेगी। लेकिन लंबे समय तक नक्सल, फिर अवैध खनन और अब अवैध अस्पतालों में हो रही मौतों ने जिले को एक बार फिर सूबे में चर्चा में ला दिया है। लगातार हो रही घटनाओं को लेकर बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पूरा प्रकरण मुख्यमंत्री के सामने जल्द रखूंगा।
पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में गरीबों की जिंदगी का कोई मोल नहीं है। जिस तरह से गरीब दलालों के चंगुल में फंसकर अवैध प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपनी जान गंवा रहे हैं, यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि कई केसों में जिस तरह से आशाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के नोडल की भी भूमिका सामने आ रही है, वह स्वास्थ्य विभाग और सोनभद्र के लिए चिंताजनक है। अब आशा भी चंद पैसों के लिए प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को भेजने का काम कर रही हैं। नोडल द्वारा 50 हजार से 1 लाख रुपये लेकर अवैध अस्पतालों को चलवाया जा रहा है।
धर्मवीर तिवारी ने कहा कि लगातार पूरे जिले में अस्पताल खुल रहे हैं और धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। उन्होंने नोडल पर निशाना साधते हुए कहा कि नोडल की नियुक्ति अवैध अस्पतालों को रोकने और कार्रवाई के लिए हुई है, लेकिन नोडल तभी नजर आते हैं जब कोई घटना घट जाती है। सवाल उठाया कि आखिर स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी की सूची क्यों नहीं जारी करता। हैरानी इस बात की है कि निजी घरों में भी अस्पताल चल रहे हैं, आखिर उन्हें लाइसेंस कैसे मिल जा रहा है।
डॉ. तिवारी ने आरोप लगाया कि रॉबर्ट्सगंज में लगभग 23, घोरावल में 19 और दुद्धी में 14 अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इसके साथ ही अवैध पैथोलॉजी भी मौत बांटने का काम कर रही हैं। जब सोनभद्र मुख्यालय पर रेडियोलॉजिस्ट 7 हैं तो 16 डायग्नोस्टिक सेंटर का लाइसेंस कैसे दिया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हर बार घटना के बाद अस्पताल सील किया जाता है और फिर कुछ दिनों बाद खुल जाता है। जिलाधिकारी महोदय को तत्काल हस्तक्षेप कर सीएमओ और नोडल के खिलाफ स्पेशल जांच कराकर कार्रवाई करनी चाहिए। सीएमओ से भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, घटनाएं घटती रहेंगी।
डॉ. तिवारी ने कहा कि लगातार गरीबों की हो रही मौत और उनके साथ हो रहे शोषण को लेकर जल्द मुख्यमंत्री को पत्रक सौंपा जाएगा।

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