सोनभद्र। जिले में बुधवार को व्रती महिलाओं ने ललई छठ पर्व श्रद्धा और विधि-विधान से मनाया। दुग्धेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि के लिए भगवान शिव-पार्वती और गणेश जी की पूजा-अर्चना की।
इस दौरान महिलाओं ने महादेव को दूध, जल, बेलपत्र अर्पित कर व्रत कथा सुनी। मान्यता है कि ललई छठ का व्रत करने से संतान को कष्ट नहीं होता और परिवार में खुशहाली आती है।
हस्तरेखा ज्योतिषाचार्य देवेंद्र मिश्रा ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को ललई छठ मनाया जाता है। इसे हलछठ, बलराम जयंती के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन हल से जुती वस्तुओं का सेवन वर्जित होता है और पसही के चावल, महुआ और दही का विशेष महत्व है। व्रत का शुभ मुहूर्त सुबह से शुरू होकर दोपहर तक रहा। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर शाम को फलाहार किया।






