आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला था, देश कभी नहीं भूलेगा वो दौर : पीएम मोदी

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अमित मिश्रा

आपातकाल में देशवासियों को प्रताड़ित किया गया, न्यायपालिका को भी बनाया गुलाम : प्रधानमंत्री मोदी

रेणुकूट (सोनभद्र) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 123वें एपीसोड में आपातकाल की विभीषिका को याद करते हुए कहा कि आपातकाल के दौरान न सिर्फ संविधान की हत्या की गई, बल्कि न्यायपालिका को भी गुलाम बनाने की साजिश रची गई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में देशवासियों को बड़े पैमाने पर प्रताड़ित किया गया, जिसकी पीड़ा आज भी लोगों के मन में जिंदा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। ‘मन की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण देशभर की तरह रेणुकूट में भी विभिन्न स्थानों पर सुनाया गया।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफलता, तीर्थ यात्रियों द्वारा की जाने वाली पवित्र यात्राओं, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की उपलब्धियों, और प्रकृति संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने वियतनाम में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष भेजे जाने का भी उल्लेख किया और इसे भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताया।

कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेता राज वर्मा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में उनका अतुलनीय योगदान रहा।

इस मौके पर मनोज पांडे, धर्मेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, विनोद अग्रवाल, कृपाल चंद्र अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, राम रतन अग्रवाल सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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