बिजनौर वन प्रभाग के कौड़िया रेंज से पकड़े गए नर गुलदार को सोमवार को चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग की टीम ने चंद्रप्रभा रेंज अधिकारियों की मौजूदगी में गुलदार को उसके प्राकृतिक आवास में मुक्त किया।
वन विभाग की अपील
चंद्रप्रभा रेंजर अखिलेश कुमार दुबे ने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगल के क्षेत्र में न जाएं और वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें। यह कार्रवाई विभागीय आदेशों के तहत की गई है।
चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी की विशेषताएं
चकिया तहसील स्थित चंद्रप्रभा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी प्राकृतिक धरोहर का खजाना मानी जाती है। यहां राजदारी और देवदारी जलप्रपात के साथ चंद्रप्रभा बांध आकर्षण का केंद्र हैं। अभयारण्य में भालू, जंगली सूअर, मोर, मगरमच्छ सहित कई दुर्लभ प्रजातियों के जीव पाए जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि वनों के अवैध दोहन और लगातार बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप से यहां के वन्यजीवों का आश्रय और भोजन संकट में है। इसका असर क्षेत्र की पारिस्थितिकी पर पड़ रहा है और ग्रामीणों व किसानों को वन्यजीवों के हमलों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।







