करोड़ का बस स्टैंड बना ‘सफेद हाथी’, नगर में पार्किंग-ट्रांसपोर्ट के अभाव में व्यापारी बेहाल

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O- उद्योग बंधु बैठक में उठे गंभीर सवाल

सोनभद्र/मिर्जापुर। विंध्याचल मंडल मिर्जापुर में आयोजित मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में सोनभद्र के व्यापारियों ने शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन को घेरा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने मंडलायुक्त के समक्ष सोनभद्र मुख्यालय पर पार्किंग और ट्रांसपोर्ट नगर की व्यवस्था न होने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि इसके अभाव में व्यापारियों को माल की लोडिंग-अनलोडिंग में रोजाना भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है और बार-बार भारी-भरकम चालान काटे जाने से व्यापारियों में गहरा आक्रोश है। संगठन ने अस्थाई ट्रांसपोर्ट नगर की लिखित मांग रखी, जिस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में सबसे चौंकाने वाला खुलासा 4.49 करोड़ रुपये की लागत से बने बस स्टैंड को लेकर हुआ। जिला अध्यक्ष ने बताया कि यह बस स्टैंड ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहा है क्योंकि विगत कई माह से मिर्जापुर डिपो की बसों का संचालन फ्लाइओवर के नीचे से किया जा रहा है। डिपो के अंदर निष्प्रयोज्य बसें खड़ी हैं, जबकि फ्लाइओवर के नीचे बेतरतीब खड़ी रोडवेज बसों के कारण रोजाना भीषण जाम की स्थिति बनती है। कई बार गंभीर मरीजों की एंबुलेंस तक जाम में फंस जाती है। अब तो प्राइवेट बस संचालकों ने भी वहीं अवैध स्टैंड बना लिया है। पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा भी पास में होने से भीड़ बढ़ गई है और चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हैरानी की बात यह है कि इस समस्या से 23 सितंबर 2025 और 30 दिसंबर 2025 को जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया जा चुका है और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को भी लिखित सूचना दी गई, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकला।

कौशल शर्मा ने मानक विहीन प्राइवेट चिकित्सालयों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रामा सेंटर लिखे अस्पतालों में न तो आईसीयू है, न सिटी स्कैन मशीन, न अल्ट्रासाउंड मशीन और न ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी। वहां अन्य विधा के डॉक्टरों से इलाज कराया जा रहा है, जिसके चलते आए दिन लापरवाही से मौतें हो रही हैं। सवाल उठाया गया कि क्या लाइसेंस जारी करते समय निर्धारित मापदंडों की जांच होती भी है, क्योंकि शिकायत के बाद अस्पताल बंद होते हैं और कुछ दिन बाद फिर से संचालित होने लगते हैं।

इसके अलावा अनन्या फूडकिंग इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मंडी शुल्क में छूट के लिए दिया गया प्रार्थना पत्र भी लगभग एक वर्ष से कृषि उत्पादन मंडी समिति सोनभद्र में लंबित है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ हर पात्र को मिले, लेकिन मंडी समिति के अधिकारियों की हीलाहवाली के कारण फाइल एक साल से डंप पड़ी है और लाभार्थियों को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। मंडलायुक्त ने व्यापारियों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान करने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में सोनभद्र एवं मिर्जापुर के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Comment

1441
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?