नवीन कुमार
15 दिन में काम शुरू नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन की चेतावनी,
कोन/सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। कोन-तेलगुड़वा मार्ग के निर्माण कार्य में पिछले करीब चार माह से ब्रेक लगा होने से क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर अधिवक्ताओं एवं ग्रामीणों में आक्रोश है। अधिवक्ताओं ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। साथ ही 15 दिन के भीतर कार्य शुरू नहीं होने पर सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
कोन क्षेत्र के अधिवक्ता एवं भाजपा किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष विनय कुमार कनौजिया निवासी रामगढ़ ने अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि तेलगुड़वा से कोन के बीच हर्रा तक करीब 20 किलोमीटर सड़क के निर्माण का कार्य लगभग दो वर्षों से चल रहा है। निर्माण कार्य पिछले करीब चार माह से बंद पड़ा है। वहीं, अब तक जिन हिस्सों में सड़क का निर्माण कराया गया है, वह भी कई जगह से उखड़ना शुरू हो गया है। इससे मार्ग पर आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कोन क्षेत्र से तेलगुड़वा एवं तहसील मुख्यालय की ओर आने-जाने वाले ग्रामीणों, मरीजों और अधिवक्ताओं को सबसे अधिक दिक्कत हो रही है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और निर्माण सामग्री के कारण आए दिन मोटरसाइकिल सवार फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। खराब सड़क के कारण लोगों का समय और धन दोनों बर्बाद हो रहा है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू कराने के लिए कई बार तहसील दिवस एवं सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में नाराजगी है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के अंदर निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो क्षेत्र के अधिवक्ता एवं ग्रामीण सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग एवं शासन-प्रशासन की होगी।
प्रार्थना पत्र विनय कुमार कनौजिया एडवोकेट की अध्यक्षता में अनुज त्रिपाठी, प्रदीप कनौजिया, रमेश चंद्र मिश्रा, श्रीनिवास तिवारी, अजीत कुमार सहित अन्य अधिवक्ताओं की ओर से दिया गया।
वहीं, अधिवक्ताओं के अनुसार ठेकेदार ने एसडीआर साहब से फोन पर हुई बातचीत में 31 अक्टूबर तक सड़क का निर्माण पूरा कर फाइनल करने का आश्वासन दिया है। अब क्षेत्रवासियों की नजर निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने और तय समय में सड़क का कार्य पूरा होने पर टिकी है।








