1947 के उस दौर के बारे में सोचते हैं तो मन में अत्यंत पीड़ा उठती है:राकेश त्रिवेदी

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर संगोष्ठी और मौन जुलूस

देश को बांटने वाली ताकतों के प्रति सतर्क रहें” – भाजपा नेताओं ने दिया बलिदानियों को श्रद्धांजलि

सोनभद्र। शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी, सोनभद्र के तत्वावधान में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में संगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ।
संगोष्ठी के उपरांत विभाजन की विभीषिका में अपने प्राणों की आहुति देने वाले एवं विस्थापन का दंश झेलने वाले सभी पुण्यात्माओं की स्मृति में मौन जुलूस निकाला गया। यह मौन जुलूस स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह से शहीद स्थल चाचा नेहरु पार्क तक पहुँचा। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
संगोष्ठी में मुख्यअतिथि के रूप में पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी व विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार संजीव कुमार गोंड व जिला प्रभारी अनिल सिंह मौजूद रहे।
संगोष्ठी की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल व संचालन जिला उपाध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक अजीत रावत ने किया।
पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी ने कहा कि “1947 के उस दौर के बारे में सोचते हैं तो मन में अत्यंत पीड़ा उठती है। ब्रिटिश हुकूमत ने जाते जाते सिर्फ एक लकीर नहीं खींची थी बल्कि एक प्राचीन राष्ट्र के सीने पर ऐसा घाव दिया था जिसकी दंश आज भी पीढ़ियां महसूस करती हैं। सत्ता का वह हस्तांतरण एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, उनके सपनों और उनकी सदियों पुरानी पहचान का उजड़ना था। इसी दर्द और इतिहास को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ियों को इससे जोड़ने का बीड़ा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने उठाया है।”
राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड व जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि “अंधकार के उस दौर और राष्ट्र के इस सबसे बड़े दर्द को भुलाया न जाए इसके लिए मोदी सरकार ने एक संवेदनशील और ऐतिहासिक निर्णय लिया। वर्ष-2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाये जाने की घोषणा की। इस दिन को मनाने का उद्देश्य केवल अतीत के घावों को कुरेदना नहीं बल्कि उन लाखों अज्ञात लोगों के अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान को श्रद्धांजलि देना है।”
सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि “इस त्रासदी के बीज रातों रात नहीं पड़े थे। इसके पीछे अंग्रेजों की फूट डालो और राज करो की नीति, मुस्लिम लीग की कट्टर राजनीति और उस समय के नेतृत्व की कुछ ऐसी कमजोरियां थीं जो सत्ता पाने की जल्दी में थे।”
भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल ने कहा कि “विभाजन के 15 वर्ष बाद भी हालात भयंकर अनिश्चितता और संघर्ष भरे थे। लोग टेंटों में रहे, पटरियों पर रात काटी लेकिन अपनी मेहनत और जीवटता से उन्होंने फिर से अपने आशियाने खड़े किए। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम पूर्वजों की उस धरती और सांस्कृतिक विरासत को हमेशा याद रखें। देश को बांटने वाली ताकतों के प्रति हमेशा सतर्क रहें ताकि इतिहास खुद को कभी न दोहराए।”
इस मौके पर उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग जीत सिंह खरवार, पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी, अजीत चौबे, जिला उपाध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव, महेश्वर खरवार, जिला महामंत्री संतोष शुक्ला, शारदा खरवार, अशोक मौर्या, जिला मंत्री अनिल सिंह, मनोज सोनकर, मंजू गिरी, जिला मीडिया प्रभारी रजनीश रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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