चंदौली जिले के नौगढ़ राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस दौरान देश के विभाजन के समय हुई अमानवीय घटनाओं और उससे उत्पन्न त्रासदी को याद करते हुए विद्यार्थियों को उस दौर की पीड़ा और जन-धन की व्यापक क्षति से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने विभाजन के दौरान हुई अमानवीय घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन, हिंसा और पीड़ा का सामना करना पड़ा। विभाजन की विभीषिका ने देश के इतिहास में ऐसी कड़वी यादें छोड़ीं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
प्राध्यापक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. देवेंद्र नाथ गिरि ने कहा कि राष्ट्रीय स्वाधीनता के अवसर पर विभाजन जैसी त्रासदी और उस दौरान हुई व्यापक जन-धन की हानि देश के लिए बेहद पीड़ादायक अध्याय है। विभाजन की घटनाओं को याद करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास की वास्तविकता से परिचित कराना और आपसी भाईचारे, एकता तथा सामाजिक सौहार्द का संदेश देना है।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक-स्वयंसेविकाओं तथा अन्य विद्यार्थियों ने भी सराहनीय भागीदारी निभाई। सभी ने विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों को स्मरण करते हुए देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।






