भूजल सप्ताह में जल संरक्षण का लिया गया सामूहिक संकल्प
म्योरपुर / सोनभद्र । विकासखंड म्योरपुर के ग्राम पंचायत फरीपान स्थित ग्राम निर्माण केंद्र परिसर में बुधवार को नाबार्ड, बनवासी सेवा आश्रम एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भूजल सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर विशेषज्ञों ने ग्रामीणों को जागरूक किया।“पानी को बहने न दें” – डीडीएम आनंद कुमार पांडेय
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डीएम आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि “पानी को बहने न दें, क्योंकि पानी दूर जाएगा तो हम भी पानी के संकट से जूझेंगे।” उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों में टोंटी खुली न छोड़ें, खेत का पानी खेत में ही रोकें और प्रकृति की सेवा को जीवन का आधार बनाएं।
1100 हेक्टेयर में वर्षा जल संरक्षण का कार्य
सांगोबांध जल छाजन समिति के प्रतिनिधि रमेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने बताया कि “नाबार्ड के सहयोग से समिति क्षेत्र के करीब 1100 हेक्टेयर में वर्षा जल को रोकने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक भागीदारी से ही जल संकट का प्रभावी समाधान संभव है।”
“पेड़-पौधे भूजल बचाने में अहम”
वक्ताओं ने जल चक्र की वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि वाष्पीकरण, वर्षा और भूजल पुनर्भरण एक-दूसरे से जुड़े हैं। पेड़-पौधे वर्षा जल को रोकने, मिट्टी में समाने और भूजल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक पौधरोपण और जल संरक्षण आज समय की आवश्यकता है।“अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए खतरा” – रेंजर जबर सिंह
वन क्षेत्राधिकारी जबर सिंह ने कहा कि “प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों का अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए खतरा है। केवल आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करें।”
सुभाष शाही और जगत नारायण विश्वकर्मा ने जंगल संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि “यदि मानव अपने दैनिक क्रियाकलापों में बदलाव नहीं लाएगा तो जल संकट और गहराता जाएगा। जल बचत को जन आंदोलन बनाना होगा।”सामूहिक संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का संचालन रमेश यादव ने किया। अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल संवर्धन के लिए सामूहिक संकल्प लिया। मौजूद रहे:
कार्यक्रम में वन दरोगा विद्या पाण्डेय, सर्वेश यादव, प्रेम कुमारी, बेचन, कैलाश, उदय कुमार, दीवानारायन सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।






