अमित मिश्रा
O – सोनभद्र में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण बना मुसीबत, डायवर्ट सड़क पर पलटी स्कूल बस, जनता ने उठाए प्रशासन पर सवाल
सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) । सोनभद्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़क कही जाने वाली कलवारी-खलियारी स्टेट हाईवे आज आम जनता के लिए मुसीबत का पर्याय बन चुकी है। रॉबर्ट्सगंज नगर स्थित सोनभद्र रेलवे स्टेशन रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के चलते रेलवे फाटक से लगभग 300-300 मीटर दोनों ओर मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग को बंद करने से पहले क्या कोई सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी?
इसी लापरवाही के बीच बुधवार सुबह नई बाजार-देसरी गांव के पास बच्चों को लेने जा रही एक स्कूल बस बरसात से क्षतिग्रस्त ग्रामीण डायवर्ट मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में चालक, सहायक और लगभग आधा दर्जन बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि सभी की जान बच गई। यदि बस में रोज की तरह अधिक बच्चे होते, तो यह हादसा प्रदेश की बड़ी दुर्घटनाओं में शामिल हो सकता था।
यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि रॉबर्ट्सगंज विधानसभा सहित जिले के बड़े हिस्से की जीवनरेखा है। इसी रास्ते से प्रतिदिन हजारों लोग जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। मार्ग बंद होने से स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं, गंभीर मरीजों, एम्बुलेंस, किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और बुजुर्गों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। बरसात में ग्रामीण संपर्क मार्ग कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन ने ओवरब्रिज निर्माण शुरू तो कर दिया, लेकिन वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था नहीं की। लोगों का यह भी कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इससे आम जनता में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
निर्माण कार्य की घोषित समयसीमा लगभग छह माह बताई जा रही है, लेकिन मौके पर कार्य की गति देखकर स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि परियोजना पूरी होने में 18 से 24 महीने तक लग सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो आने वाले लंबे समय तक आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा, या फिर समय रहते सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग, जर्जर सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य में तेजी लाकर लोगों को राहत देगा?
जनता की मांग है कि रेलवे, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से तत्काल वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएं, स्कूल बसों के लिए अलग सुरक्षित रूट तय करें और ओवरब्रिज निर्माण को युद्धस्तर पर पूरा कराएं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके।






