कुसुम्हा के ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता पर उठाए सवाल, जांच की मांग
म्योरपुर, सोनभद्र। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत बना ब्लास्ट कूप पहली ही बारिश में ढह गया। म्योरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत कुसुम्हा में किसान हरिप्रसाद के खेत में करीब चार माह पूर्व निर्मित कूप की दीवारें भरभराकर गिर गईं। घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लघु सिंचाई विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में बनाए गए कूप में मानकों से समझौता किया गया। यदि गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता तो पहली बारिश में कूप नहीं ढहता। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग को लेकर लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी कि समय रहते जांच नहीं हुई तो क्षेत्र के अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठेंगे। इस संबंध में लघु सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर काशीनाथ यादव ने कहा कि ब्लास्ट कूप इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए था। अत्यधिक मिट्टी के दबाव से नुकसान पहुंचा होगा। मौके पर निरीक्षण कराकर मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि ग्रामीण जेई के तर्क से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप काम होता तो कूप नहीं गिरता। अब सभी की निगाहें प्रशासन और विभागीय जांच के नतीजों पर टिकी हैं।






