अमित मिश्रा
फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कर गिट्टी-बालू के अवैध परिवहन का नेटवर्क बेनकाब
फर्जी परमिट तैयार करने वाला लैपटॉप-प्रिंटर बरामद
सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में अवैध खनिज परिवहन करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को सदर कोतवाली पुलिस ने फर्जी परमिट बनाने के उपकरण के साथ गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के द्वारा जनपद में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन, फर्जी दस्तावेज तैयार कर राजस्व एवं शासकीय व्यवस्था को क्षति पहुँचाने वाले अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में सदर कोतवाली पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
थाना रॉबर्ट्सगंज पर पंजीकृत धारा 303(2), 317(2), 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस, धारा 4/21 खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं धारा 3 सार्वजनिक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम, 1984 में वांछित आरोपियो की गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा दिए गए निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक रॉबर्ट्सगंज रामस्वरूप वर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई की गयी। पुलिस टीम द्वारा चौकी हिन्दुआरी क्षेत्र के तेन्दु नहर के पास वांछित आरोपियो की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि मुकदमे से संबंधित आरोपी हनुमान जी मंदिर, तेन्दु (मगुरही) परिसर में एकत्र होकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने की तैयारी में हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर चार आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को आरोपियो ने बताया कि लैपटॉप और प्रिंटर से फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करते थे। पूछताछ एवं बरामदगी से सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी द्वारा ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर/फार्म-11 को डिजिटल माध्यम से एडिट कर उसमें वाहन संख्या, चालक का विवरण, गिट्टी-बालू की मात्रा एवं अन्य विवरण भरकर फर्जी परमिट तैयार किए जाते थे। गिरफ्तार अभियुक्त शक्तिमान कुमार के कब्जे से बरामद HP कम्पनी का लैपटॉप एवं Canon कम्पनी का प्रिंटर फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त किए जाने की बात प्रकाश में आयी है। अभियुक्तगण द्वारा पूछताछ में यह भी बताया गया कि हिमांशु पाण्डेय ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराता था, जबकि अश्विनी पटेल एवं उमेश यादव उन पेपरों को शक्तिमान के सहज जनसेवा केन्द्र पर ले जाकर अपनी आवश्यकता के अनुसार एडिट कराते थे। इसके बाद तैयार फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग गिट्टी-बालू लदे वाहनों के परिवहन में किया जाता था।
पूछताछ में आरोपियो ने बताया कि गिरोह में अलग-अलग व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित थी। ब्लैंक सिक्योरिटी पेपर उपलब्ध कराना। पेपर को डिजिटल माध्यम से एडिट कर फर्जी परमिट तैयार करना। वाहन संख्या, चालक का नाम-पता एवं खनिज संबंधी विवरण अंकित करना। फर्जी दस्तावेज के आधार पर गिट्टी-बालू का परिवहन कराना। इस अवैध गतिविधि से आर्थिक लाभ अर्जित करना था।
आरोपियो द्वारा 16 जून एवं 22 जून को भी फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार कराए जाने की बात पूछताछ में सामने आयी है। इन दस्तावेजों एवं इनके माध्यम से कराए गए खनिज परिवहन के संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत विवेचनात्मक एवं तकनीकी जांच की जा रही है।
इन गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियो के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए आरोपी अश्विनी पटेल, उमेश यादव, हिमांशु पाण्डेय एवं शक्तिमान कुमार को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत/चालान किया गया। आरोपी के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों, बरामदगी एवं विवेचनात्मक तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।
*गिरफ्तार आरोपी*
1.अश्विनी पटेल पुत्र मनोज सिंह पटेल, निवासी ग्राम कूराकला, थाना पन्नूगंज, जनपद सोनभद्र, उम्र करीब 22 वर्ष।
2.उमेश यादव पुत्र संजय, निवासी ग्राम अतरवा शमशेर, थाना नौगढ़, जनपद चंदौली, उम्र करीब 22 वर्ष।
3.हिमांशु पाण्डेय पुत्र राजकुमार पाण्डेय, निवासी प्रीतनगर, थाना चोपन, जनपद सोनभद्र, उम्र करीब 22 वर्ष।
4.शक्तिमान कुमार पुत्र धनेश सिंह, निवासी हलिया बांध, थाना चकरघट्टा, जनपद चंदौली, उम्र करीब 28 वर्ष।
बरामदगी : 01 HP कम्पनी का लैपटॉप , 01 Canon कम्पनी का प्रिंटर , लैपटॉप/प्रिंटर के चार्जर , 04 एंड्रॉयड मोबाइल फोन , 5,900/- रूपये नकद व फर्जी सिक्योरिटी पेपर तैयार करने में प्रयुक्त डिजिटल सामग्री/उपकरण ।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा संदीप राय, रुपेश कुमार, संदीप यादव, अवनीश सिंह, अभिमन्यु पाण्डेय, दीपक सिंह, चालक नन्दलाल राम शामिल रहे।






