सोनभद्र। विश्व पर्यटन दिवस पर रविवार को गुप्तकाशी सेवा ट्रस्ट द्वारा सोनभद्र नगर स्थित कार्यालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता संस्था के संस्थापक रवि प्रकाश चौबे ने की।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र 130 किलोमीटर के दायरे में भूतात्विक, पुरातात्विक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता वाला विश्व का अनोखा जनपद है। दुनिया में पहली बार गुफा चित्रों की खोज 1867-68 में सोहागीघाट (मिर्जापुर-सोनभद्र) से पुरातत्वविद् आरकीबाल्ड कार्लाइल ने की थी। इसके बाद जे. कॉकबर्न ने भी खोजें कीं और यह प्रक्रिया आज तक जारी है। सोनभद्र दुनिया का सबसे बड़ा पर्यटन उद्योग बन सकता है, जहां रोजगार और प्रकृति संरक्षण दोनों संभव है।
मुख्य अतिथि इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने कहा कि आजादी के 80 साल बाद भी सोनभद्र के किसी एक स्थल का पर्यटन विकास नहीं हुआ। पर्यटन विकसित होने से भारतीय संस्कृति की पहचान बढ़ेगी, विदेशी मुद्रा आएगी और युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा।
यूथ आइकॉन सौरभ कांत पति तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति भी सोनभद्र की पर्यटन क्षमता का जिक्र कर चुके हैं। इसे खनन उद्योग से निकालकर पर्यटन उद्योग की ओर ले जाना चाहिए।
प्रकृति प्रेमी राजू चौबे ने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पर्यटन, पुरातत्व और वन विभाग की संयुक्त कमेटी बनाकर वन बाधाओं को दूर कर प्रमुख स्थलों को सड़क मार्ग से जोड़ा जाए तो रोजगार के अवसर बनेंगे।
इस दौरान विनय केशरी, राजेश भारती, सुनील शुक्ला मौजूद रहे।






