आचार्य भारत भूषण दास ने गुरु रविदास के जीवन और विचारों पर डाला प्रकाश
सोनभद्र -। रॉबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में रविवार को सद्गुरु रविदास कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार पहुंचकर सद्गुरु रविदास की वाणी का श्रवण किया। कथा के माध्यम से मानवता, समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।
मुख्य कथावाचक आचार्य श्री महंत भारत भूषण दास जी महाराज, पीठाधीश्वर श्री गुरु रविदास जन्म स्थान गुरुधाम मंदिर, सीर गोवर्धनपुर, वाराणसी ने सद्गुरु रविदास के जीवन और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सद्गुरु रविदास ने मानवता को सबसे ऊपर रखते हुए समाज में व्याप्त भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना को समाप्त करने का संदेश दिया। उनकी वाणी आज भी समाज को प्रेम, एकता और सद्भाव की राह दिखाती है।
कथा के दौरान “एकै माटी के सभ भांडे, सभ को एको सिरजनहारा। रविदास व्यापै एकौ घट भीतर, सभकौ एकै घड़े कुम्हारा।।” का उल्लेख करते हुए बताया गया कि सभी मनुष्य एक ही सृष्टिकर्ता की रचना हैं। इसलिए जाति, वर्ग और भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को महत्व देना चाहिए। गुरु रविदास की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना मजबूत होगी।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने गुरु वाणी का श्रवण किया। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने सहित अन्य व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजकों ने गुरु प्रेमियों से गुरु रविदास के विचारों को जीवन में उतारने और समाज में समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की आयोजक आदर्श नगर पालिका परिषद रॉबर्ट्सगंज की अध्यक्ष रूबी प्रसाद रहीं। डा. योगेश्वर प्रसाद सह संयोजक तथा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हीरालाल सायन सह संयोजक रहे। रामधारी संजीवड्या संयोजक रहे। इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे, अरुण कुमार सिंह, विनोद जालान, पुष्पा सिंह, प्रमिला त्रिपाठी, राकेश भारती, डा. दिनेश कुमार भारती, हीरावती देवी, अनवर अली, भैयालाल कन्नौजिया समेत अन्य लोगों ने आयोजन में सहयोग किया।






