एनसीईआरटी किताबों की मनमानी और प्रदूषण का मुद्दा उठा, जांच की मांग
सोनभद्र। शनिवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में उद्योग बंधु की बैठक संपन्न हुई। बैठक में पूर्व में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल है। मिर्जापुर डिपो की रोडवेज बस को फ्लाई ओवर के नीचे से बंद कर डिपो से संचालित करने के आदेश का व्यापारियों ने स्वागत किया।
श्री शर्मा ने कहा कि हर साल स्कूल खुलने के बाद सीबीएसई स्कूलों से जारी फरमान के तहत किताबें एक ही दुकान से एनसीईआरटी की किताबों की तुलना में चौगुने दामों पर मिलती हैं। उन्होंने मांग की कि स्कूल खुलने से पहले किताब का नाम, विषय, प्रकाशक का नाम, मूल्य सहित स्कूल की वेबसाइट व नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए। इसकी कॉपी बीएसए और डीआईओएस को भी दी जाए।
उन्होंने बताया कि एनजीटी की रिपोर्ट के अनुसार सोनभद्र में औद्योगिक इकाइयों से प्रतिदिन 40 किलोग्राम मरकरी हवा में छोड़ी जा रही है। पेयजल नमूनों में पारा अनुमेय सीमा से 3 से 26 गुना अधिक है। अनपरा डिबुलगंज के हैंडपंप में .026 पीपीएम पारा मिला जो सुरक्षित स्तर से 26 गुना अधिक है। रक्त नमूनों में पारे की मात्रा 113.48 माइक्रोग्राम मिली जो निर्धारित पैमाने से 20 गुना ज्यादा है। इससे सुन्नपन, पक्षाघात, बोलने में कठिनाई, दृष्टि-श्रवण शक्ति प्रभावित होना, जन्मजात विकृतियां और असमय मृत्यु की आशंका बढ़ रही है।
उन्होंने अनपरा, ओबरा, शक्तिनगर, बीजपुर व रेणुकूट क्षेत्र में प्रदूषण की उच्च स्तरीय जांच कराकर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
बैठक में शरद जायसवाल, विनय जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, नरेंद्र गर्ग, विमल अग्रवाल, मनोज जालान, नवल बाजपेई, राजेश गुप्ता, धीरेन जायसवाल, हाजी सलीम हुसैन समेत सभी व्यापार संगठन के पदाधिकारी व जिले के अधिकारी मौजूद रहे।






