बीना कोयला खदान विस्तार: ग्रामीणों का विरोध, अधिकारियों की पोल खुली

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म्योरपुर (सोनभद्र)। बीना कोयला खदान के विस्तार के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध जारी है। मंगलवार को ऊर्जाचल के बीना खेल मैदान में आयोजित पर्यावरणीय लोक सुनवाई में ग्रामीणों ने अधिकारियों की पोल खोल दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बीना परियोजना जो भी जनहित की बातें कर रही है, वह झूठ का पुलिंदा है। स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में मौके पर कोई काम नहीं होता है। जल, जंगल और जमीन का नुकसान हो रहा है, लेकिन बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। विस्थापित लोग प्रदूषण और बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। एनएसयूआई के अंकुश दुबे, बिट्टी देवी, शुभम् दुबे, पचू भारती और पर्यावरण कार्यकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा सहित सभी लोगों ने बीना परियोजना के विस्तार का विरोध किया। मनोनीत रवि ने कहा कि डैम को दूषित किया जा रहा है, जिसका असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। एनएसीएल के नरेंद्र कुमार ने विस्तार को लेकर कहा कि इससे कंपनी के साथ स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय अधिकारी आर के सिंह ने कहा कि जन सुनवाई में कही गई सभी बातें पर्यावरण मंत्रालय को भेजी जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट में एनजीटी में जनहित याचिकाकर्ता ने अधिकारियों के देरी से आने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि ऊर्जाचल का यह क्षेत्र बहुत ज्यादा प्रदूषण की मार झेल रहा है।

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