नवीन कुमार
O- निष्पक्ष जांच की मांग
कोन (सोनभद्र) । कोन विकासखंड की ग्राम पंचायत खेमपुर में आंगनबाड़ी केंद्र पर एक महीने से पोषाहार वितरण नहीं होने के आरोप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने मामले की शिकायत प्रशासन से की, जिसके बाद जांच के लिए अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। हालांकि जांच प्रक्रिया को लेकर ही ग्रामीणों ने विरोध जताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र पर पिछले एक माह से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषाहार वितरित नहीं किया गया। इस संबंध में शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी Jagruti Awasthi के निर्देश पर बाल विकास परियोजना अधिकारी Manoj Singh ने मामले की जांच के लिए सुपरवाइजर देवनती देवी को गांव भेजा।
ग्रामीण धर्मेंद्र, अजित, सोनू, विनय भारती, अमरजीत और अमरेश समेत ग्राम प्रधान सरफराज अहमद का आरोप है कि जांच अधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बजाय आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रजिस्टर को सही कराने में ही समय बिताया। उनका कहना है कि जांच पंचायत भवन में कर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए थे, लेकिन जांच अधिकारी वहां जाने के लिए तैयार नहीं हुईं।
इस दौरान ग्राम प्रधान और ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक भी हो गई। ग्रामीणों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए लीपापोती का आरोप लगाया और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
वहीं इस मामले में सीडीपीओ मनोज सिंह का कहना है कि केंद्र पर चाहे जितना भी पोषाहार पहुंचे, उसका वितरण निर्धारित समय के अनुसार किया जाता है और स्टॉक केंद्र पर मौजूद रहता है। उन्होंने रजिस्टर को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया और कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री नई है, इसलिए उसे रजिस्टर तैयार करने की प्रक्रिया समझाई जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जानकारी उन्हें है और वह स्वयं इसकी जांच करेंगे।
घटना के दौरान अंगद जायसवाल, शिवानंद, अनिल, राजू, सचिन समेत दर्जनों महिलाएं और ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे।







