अमित मिश्रा
सोनभद्र। राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार के विरोध में आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने विभाग में व्याप्त घूसखोरी और अनियमितताओं को जनहित के लिए अत्यंत हानिकारक बताते हुए ठोस कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष शोभित सिंह ने कहा कि सरकारी तंत्रों, विशेषकर राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी अब सामान्य प्रक्रिया बन चुकी है। आम जनता को अपने जरूरी दस्तावेजों और लाभकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए भी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुविधा शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि विरासत दर्ज कराने से लेकर जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने तक के हर चरण में रिश्वत मांगी जाती है। यही नहीं, अवैध कब्जों की शिकायत करने पर भी कार्रवाई की बजाय कब्जाधारक से पैसा लेकर उसके पक्ष में झूठी रिपोर्ट तैयार कर दी जाती है।
शोभित सिंह ने कहा कि विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारी प्रधानों से मिलीभगत कर अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाते हैं, जबकि वास्तविक पात्र लाभ से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत की जाती है तो जांच अधिकारी साक्ष्यों की अनदेखी कर मनमानी रिपोर्ट लगाकर मामलों को रफा-दफा कर देते हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिलाधिकारी सभी राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दें कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इस मौके पर सुषमा सिंह, लवकुश कुमार, अरविंद जैसवाल, हरिनारायण, सुनील कुमार सिंह सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।






