कठपुतली नृत्य और जादू के माध्यम से जल संरक्षण पर जागरूकता

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सी एस पाण्डेय

O – विश्व जल दिवस पर भलपहरी गांव में विशेष आयोजन

O – “जल है तो कल है” थीम के साथ दिया गया जल संरक्षण का संदेश

बभनी(सोनभद्र) । विकास खंड बभनी के ग्राम भलपहरी में शनिवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर एक अनोखा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कठपुतली नृत्य और जादू के माध्यम से जल संरक्षण का महत्व बताया गया।

कठपुतली नृत्य ने दी जल बचाने की प्रेरणा

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कठपुतली नृत्य रहा, जिसमें कलाकारों ने “जल है तो कल है” थीम के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। कठपुतली नृत्य के जरिए यह बताया गया कि “जल ही जीवन है” और बूंद-बूंद पानी को बचाना अत्यंत आवश्यक है। इस नृत्य ने न केवल बच्चों बल्कि वयस्कों को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया।


जादू के जरिए जल संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम में जादूगर रामचंद्र ने अपने हैरतअंगेज जादू से लोगों का मन मोह लिया। जादू के माध्यम से उन्होंने जल संचय, जन भागीदारी, जन जागरूकता और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जल चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के महत्व को भी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।
रामचंद्र के जादू ने न सिर्फ लोगों को रोमांचित किया बल्कि जल संरक्षण का गहरा संदेश भी दिया।


प्रकृति और जल का अटूट बंधन

कार्यक्रम में हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग के ग्रामीण विकास अधिकारी रमाकांत शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जल, जंगल और जन के बीच का प्राकृतिक बंधन हमें मिलकर बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा,
“नदियों, झरनों और जंगलों के बीच पारिस्थितिक संबंध को मजबूत करना हमारी जिम्मेदारी है। जल संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को योगदान देना होगा। वृक्षारोपण और जंगलों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।”


ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति

इस जागरूकता कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामवासी, बच्चे और बुजुर्ग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास अधिकारी प्रदीप कुमार सोनी, अजहर इमाम, लालकेश कुशवाहा, गीत लाल, अभय कुमार यादव, संतोष कुमार, गम्भीर सिंह और परवान कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

स्थानीय लोगों में उत्साह और जागरूकता

ग्रामवासियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि कठपुतली नृत्य और जादू के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश आसानी से समझ में आया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की ताकि लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती रहे।


जल है तो कल है: एक संकल्प

इस कार्यक्रम ने गांववासियों के मन में जल संरक्षण के प्रति नई जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव पैदा किया। जल संकट से निपटने के लिए सभी ने संकल्प लिया कि वे जल संचयन और संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।


(रिपोर्टर: सी एस पाण्डे, बभनी)

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