सीएमओ, नोडल अधिकारी व बाबू पर गिर सकती है गाज, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप

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अमित मिश्रा

O पूर्व अपना दल एस सांसद ने पत्र लिख कर मामला किया उजागर

O 6 बिंदुओं पर जांच व कार्रवाई के लिए सांसद ने लिखा पत्र

O कमिश्नर विंध्याचल मंडल स्वास्थ्य एड को भी भेजे पत्र

O मंगलवार को शिकायत पर जनपद सोनभद्र पहुंचे एडी मिर्जापुर टीम

सोनभद्र। स्वास्थ्य विभाग में व्यापक रूप से हुए भ्रष्टाचार को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग मिर्जापुर एडी के टीम द्वारा कई हॉस्पिटल क्लीनिक का जांच किया गया इस दौरान संबंधित रिपोर्ट बनाकर एडी द्वारा अपने साथ ले जाया गया । भरोसेमंद स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों द्वारा जानकारी मिली है कि बहुत जल्द एडी की रिपोर्ट पर जनपद के संबंधितों पर गिर शक्ति है गाज।

बता दे की अपना दल एस पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने बताया कि
अश्विनी कुमार मुख्य चिकित्साधिकारी सोनभद्र झोलाछाप व निजी अस्पताल नोडल एवं बाबू द्वारा की गयी अनियमितता की जाँच व कार्रवाई को लिखा गया है पत्र।
पकौड़ी लाल कॉल ने बताया कि जनपद- सोनभद्र भारत के चौथे सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्रफल का जिला है जो बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश इन चारों प्रदेशों से सटा प्रदेश है। यह जनपद आदिवासी बाहुल्य व पहाड़ी क्षेत्र है यहाँ की जलवायु प्रदेश के अन्य क्षेत्र ये अलग है। यहां पर पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण स्वास्थ्य संबन्धित कई समस्यायें उत्पन्न होती रहती है। आपको अवगत कराना है कि अश्विनी कुमार मुख्य चिकित्साधिकारी पद पर जनपद सानभद्र में वर्षों से तैनात है इनके द्वारा निजी अस्पतालों को मोटी रकम लेकर अवैधानिक तरीके से संचालित कराया जा रहा है।

1- यह कि डा० अश्विनी कुमार द्वारा मोटी रकम लेकर बीएएमएस डिग्री धारक को भी निजी अस्पताल संचालित करने के लिए अस्पताल का नवीनीकरण किया गया है।
2- यह कि डा० अश्विनी कुमार द्वारा आयेदिन बीना किसी कारण के ही नोडल अधिकारी को बदल दिया जाता है। तथा निजी अस्पतालों के नवीनीकरण के नाम पर इनके आफिस में कम्प्यूटर आपरेटर पद पर तैनात चंचल यादव के माध्यम से मोटी रकम की वसूली की जा रही है।
3- यह कि अश्विनी कुमार द्वारा इस सोनभद्र जनपद में नयी प्रयोग करते हुए दो नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गयी है 1-डा0 कीर्ति आजाद जो झोलाछाप व निजी अस्पताल की देखरेख करते है। 2- डा० गुलाब शंकर यादव जो पीसीपीएनडीटी देखते हैं। जो नियम विरूद्ध है।
4-यह कि जनपद में कुछ अल्ट्रा साउण्ड केन्द्र को छोड़कर अधिकतर केन्द्र जो अवैध तरीके से संचालित हो रहें है जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी पार्टनर है जहाँ पर कभी एमबीबीएस डाक्टर नहीं रहते इसकी जाँच अल्ट्रा साउण्ड केन्द्रों पर लगे सी०सी० कैमरे के फुटेज से की जा सकती हैं।
5- यह कि डा० अश्विनी कुमार जी द्वारा जनपद में संचालित कई निजी अस्पतालों का नवीनीकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 का नही किया गया है।
6- यह कि डा० अश्विनी कुमार जी द्वारा दिनांक 31.07.2024 को जनपद के कई निजी अस्पतालों का नवीनीकरण किया गया है जिसमें सम्बन्धित नोडल अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर करके पोर्टल पर अपलोड किया गया है। जो जाँच का विषय है।
अस्तु उपरोक्त प्रकरण गम्भीर है शिकायत की विन्दू 1 से लगायत 6 तक नियम विरूद्ध है। स्वास्थ्य विभाग के आलावा अन्य विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम गठित कराकर जॉच कराकर शासन के मंशानुरूप कार्य कराने की कृपा करें।

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