डॉ मुजम्मिल
सम्भल(उत्तर प्रदेश)। राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुए चन्दौसी के लक्ष्मण नगर की बावड़ी का सिरा तलाश करने के लिए एएसआई की टीम ने सड़क तक खुदाई आठवें दिन भी जारी रखा है।
चंदौसी के लक्ष्मण गंज मोहल्ले में एएसआई टीम की उपस्थिति में बावड़ी का सिरा तलाशने के लिए खुदाई आठवें दिन भी शुरू हो गई है। बावड़ी पर हुए अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। खुदाई में सड़क के नीचे गेट और दीवार के हिस्से दिखाई दे गए है।
चंदौसी के मुस्लिम बहुल मोहल्ला लक्ष्मणगंज में मिली बावड़ी का कुआं की ओर वाला सिरा तलाश करने को सातवें दिन एएसआई टीम की उपस्थिति में सड़क तक की खोदाई का कार्य शुरू हो गया है। अतिक्रमण की जद में बावड़ी के तीन तरफ के मकान अतिक्रमण की जद में आ सकते हैं।
प्रशासन बावड़ी को अस्तित्व में लाने के लिए अतिक्रमण भी हटाएगा।
एएसआई के दो सदस्य बावड़ी पर पहुंच और अपनी निगरानी में खुदाई शुरु कराई।
जिससे पता चल सके कि बावड़ी कहां तक फैली है। इसके बाद पालिका की एक टीम ऊपरी मंजिल के गलियारों से मिट्टी निकालने में जुट गई तो वहीं दूसरी टीम सड़क की ओर के हिस्से में कुआं और बावड़ी के सिरे की तलाश में खुदाई के लिए जुट गई।
वही अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर ने बताया कि खुदाई का आठवां दिन है कल के पहले तक तो हम सीढ़ी और साइड साइड में खुदाई कराते रहे लेकिन कल रोड परिसर में जब कुआं मिला है जो बिल्कुल सेंट्रल में है तो उसे देखकर यह लगा इस ढांचे के की जो संरचना इस कुएं से चारों तरफ है। इस बाबली के चारो तरफ के मकान अतिक्रमण की जद में ह जरूरत पड़ी तो उन्हें भी खाली कराया जाएगा। यह एक पुरातात्विक अवशेष निकलकर सामने आ रहा है और पुरातात्विक अवशेष पर किसी को भी यह अधिकार नही दिया गया है कि वह उस पर अतिक्रमण करें या कोई उस पर निर्माण कर सके। ऐसे पुरातात्विक इमारत को मिलने के बाद जो है उसे जहां तक यह जाएगा चारों तरफ तक अतिक्रमण खाली कराया जाएगा और जिस तरह से जिला प्रशासन बार-बार दिशा निर्देश और आदेश आ रहे हैं की अच्छे से खुदाई कराकर उसको डेवलप करना है।
इसे सुरक्षित रखने के लिए लेबर लगा करके मैन्युअली फावड़े और तस्ले से मलबे को निकाल कर बाहर किया जा रहा है जिसमें टाइम लगेगा कुछ और कुछ यह भी लग रहा है की चारों तरफ के मकान जो हैं उनके भी पोर्शन प्रभावित होंगे जिन्हें खाली कराना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। वह जिम्मेदारी हम लोगों को दिए हैं इसका बखूबी पालन करना और कराना है हां एएसआई लगातार मौजूद रहकर अध्ययन कर रही है और उसके निर्देशन में ही खुदाई करवाई जा रही है।







