कानोडिया औषधालय में विधि-विधान से हुआ पूजन, अश्वगंधा के औषधीय गुणों पर हुई चर्चा
सोनभद्र। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री बैद्यनाथ आयुर्वेद भवन एवं कानोडिया औषधालय के संयुक्त तत्वावधान में आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि जी की जयंती धनतेरस को शुक्रवार को कानोडिया औषधालय में विधि-विधान से मनाई गई। आचार्य कृपा शंकर पांडेय द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन प्रतिष्ठान के अधिष्ठाता विजय कानोडिया द्वारा करवाया गया। तत्पश्चात गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.के. सिंह ने अश्वगंधा के बारे में विस्तार से बताया। बैद्यनाथ कंपनी के प्रतिनिधि इंद्र कुमार दुबे ने बताया कि बैद्यनाथ कंपनी बदलते परिवेश में भी श्रेष्ठ गुणवत्तापूर्ण औषधि निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के सिद्धांतों पर चलकर ही जीवन के तीन आवश्यक अंग धर्म, काम और मोक्ष को पाया जा सकता है, क्योंकि इन तीनों की प्राप्ति का मूल आधार स्वस्थ काया ही है।
पंकज कानोडिया ने कहा कि बैद्यनाथ की आयुर्वेदिक दवाएं पूर्ण रूप से स्वदेशी हैं और जो स्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। अंत में उन्होंने आए हुए सभी वैद्यों व व्यापारियों को धन्यवाद दिया एवं धन्वंतरि जयंती और दीपावली की शुभकामनाएं प्रेषित की।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से नीरज कानोडिया, विनोद कानोडिया, सुयश कानोडिया, संस्कार कानोडिया, कृपा शंकर, रवीन्द्र नाथ सिंह, डॉ. गंगाधर द्विवेदी, विमल अग्रवाल, हरिनंदन त्रिपाठी, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. विंध्यवासिनी दुबे, डॉ. एजाज आदि लोग उपस्थित रहे।









