वन विभाग ने झाड़ा पल्ला, बोले- भारी संख्या में हैं बंदर, क्या करें
म्योरपुर, सोनभद्र। म्योरपुर विकास खंड के ग्रामीण बंदरों के आतंक से त्रस्त हैं। खपरैल घरों को चलनी बनाने के बाद अब बंदरों के झुंड मक्के की फसल को चट कर रहे हैं। किसान अपनी आंखों के सामने खून-पसीने की कमाई बर्बाद होते देख बेबस हैं। अधिकांश घर मिट्टी की दीवार और खपड़ैल वाले हैं। बंदरों की उछल-कूद और वजन से खपड़े टूट रहे हैं, लोग प्लास्टिक ढककर रहने को मजबूर हैं। अब तैयार मक्के की फसल पर कहर बरप रहा है। जोताई, बीज, खाद, निराई में लगी लागत डूब रही है। रन टोला, किरवानी, खैराही, गोविंदपुर, गंभीरपुर, कुसम्हां, रासपहरी, कुंडाडीह, परनी, बभनडीहा सहित दर्जनों गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों देवशाह, सोमारू, त्रिभुवन, विजय ने बताया कि अच्छी बारिश से अच्छी उपज की उम्मीद थी, पर बंदरों ने सब चौपट कर दिया। इस पर क्षेत्रीय वन अधिकारी जबर सिंह यादव ने कहा कि बंदरों की संख्या बहुत अधिक है और गांव वन से सटे हैं, ऐसे में क्या किया जा सकता है। वन विभाग के इस जवाब से किसानों में आक्रोश है।






