मनरेगा में व्यापक घोटाले का खुलासा, डीसी मनरेगा की मिली भगत से हो रहे फर्जी भुगतान आरोप

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संवाददाता कौस्तुम केशरी “लकी”

नौगढ़ (चंदौली) । नौगढ़ विकास खंड में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि कई विकास कार्य केवल कागजों पर पूरे दिखाए गए हैं, जबकि वास्तव में कोई काम नहीं हुआ है। आरोप है कि फर्जी मास्टर रोल बनाकर मजदूरों को बिना काम के भुगतान किया जा रहा है। शिकायत के बावजूद डीसी मनरेगा और खंड विकास अधिकारी नौगढ़ मामले की लीपापोती कर रहे हैं।

फर्जीवाड़े के मामले

धन कुंवारी, औरवाटाड़, जमसोती, बैरगाढ़, जयमोहनी, बोझ, गंगापुर, बोदलपुर, चमेरबांध, मझगावां, चुप्पेपुर, मरवटिया और नर्वदापुर के सड़क किनारे मिट्टी और झाड़ी सफाई कार्य में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है।

फर्जी मास्टर रोल बनाकर मजदूरों को बिना काम के भुगतान किया जा रहा है।

यह मामला नौगढ़ विकास खंड के कई गांवों में फैला हुआ है और ग्रामीणों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। मामले की जांच और कार्रवाई की जरूरत है ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो और ग्रामीणों के हितो की रक्षा हो।

ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से सरकारी धन का गबन हो रहा है, जिससे गांवों में रोजगार की कमी हो रही है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करें और मनरेगा जैसी योजनाओं को पारदर्शी बनाएं।

मनरेगा घोटाला: जिला प्रशासन ने शुरू की जांच, दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

एक बड़े घोटाले के खुलासे के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो इन कार्यों की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
जिन कार्यों की शिकायतें मिली हैं, उनमें बिना काम कराए ही लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। यह मामला सामने आने के बाद अन्य विकास खंडों में भी ऐसी ही अनियमितताओं के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जांच सही तरीके से की गई, तो यह घोटाला और भी बड़ा हो सकता है। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले में जल्दी और सख्ती से कार्रवाई करे और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को भ्रष्टाचार से मुक्त करे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और सख्ती से कार्रवाई करता है। क्या मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को भ्रष्टाचार से मुक्त किया जा सकेगा? यह सवाल सभी के मन में है।

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