नवीन कुमार
कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। ओबरा तहसील क्षेत्र के चाचीकला, मझिगवां और नकतवार ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने वर्षों से तैनात लेखपाल पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। नकतवार के ग्राम प्रधान लक्ष्मी कुमार जायसवाल और चाचीकला के प्रधान प्रतिनिधि सुधीर जायसवाल समेत दर्जनों ग्रामीणों ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी ओबरा को शपथ पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
ग्राम प्रधान लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने बताया कि 28 फरवरी को उन्होंने वाट्सएप के माध्यम से लेखपाल के खिलाफ शिकायत भेजी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि लेखपाल बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करता। यहां तक कि बच्चों के स्कूल नामांकन के लिए बनवाए जाने वाले आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के लिए भी पैसे की मांग की जाती है।
उपजिलाधिकारी ने शिकायत पर 16 मई को पत्र जारी कर साक्ष्यों के साथ लिखित रूप में उपस्थित होकर जानकारी देने को कहा था। इसी क्रम में गुरुवार को ग्रामीण उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शपथ पत्र देकर लेखपाल की शिकायत की।
ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल द्वारा वरासत, जमीन पैमाइश और दुर्घटना बीमा से संबंधित प्रमाण पत्रों के लिए भी अवैध रूप से धन की मांग की जाती है। यदि अपेक्षित रकम नहीं दी जाती, तो कार्य नहीं किया जाता।
चाचीकला की प्रमिला देवी ने बताया कि उनके पति की मृत्यु 15 अप्रैल 2022 को हुई थी। उन्होंने लेखपाल को दो हजार रुपये देने के बावजूद अभी तक वरासत नहीं कराई गई।
वहीं, उदय साव से दुर्घटना बीमा के पैसे के एवज में 50 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। विजय चौधरी से जमीन पैमाइश के लिए पैसे की मांग की गई है।
इस मौके पर रंगीलाल, माणिक चंद (क्षेत्र पंचायत सदस्य), अजय यादव, प्रमिला देवी, रामजतन, देवनाथ, जगरनाथ समेत अन्य ग्रामीण ने भी शपथ पत्र दिया। क्षेत्र के इन ग्राम प्रधानो ने लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई।






