अध्यक्ष रामजतन खरवार बोले- वनाधिकार हक के लिए संगठित होकर बुलंद करेंगे आवाज
सोनभद्र। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र नगवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कजियारी के राजस्व गांव तेंदुडाही में स्वर्गीय नीलांबर पीतांबर भवन में दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कोदई, ढोसरा, मांची, सुअरसोत, गोंगा, कजियारी, काशी, सियरिया, सोमा, तेंदुडाही, बिश्रामपुर, बलियारी, सुअरसोत कला, करही आदि गांवों के लोगों ने भाग लिया।
बैठक में वनाधिकार अधिनियम 2006 के बावजूद आदिवासियों को मालिकाना हक से बेदखल करने और वन विभाग द्वारा प्रताड़ित किए जाने की समस्याओं पर चर्चा हुई। इन परिस्थितियों को देखते हुए दर्जनों गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से ‘आदिवासी न्याय मंच नगवा’ का गठन किया। इसमें अध्यक्ष रामजतन खरवार, सचिव राजेश्वर, कोषाध्यक्ष बिंदु सिंह, उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद तथा संरक्षक रामजनम को जिम्मेदारी सौंपी गई।
अध्यक्ष रामजतन सिंह ने कहा कि ग्राम सभा की सभी वन समितियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। निष्क्रिय समितियों को सक्रिय कर संगठित होकर अपने हक-अधिकार और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आवाज बुलंद करनी होगी। आदिवासी न्याय मंच शांति और सद्भाव के साथ सबके साथ कदम से कदम मिलाकर वनाधिकार की समस्या से निजात दिलाने का काम करेगा।
उपाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद ने कहा कि अनुसूचित जनजाति व अन्य परंपरागत वनवासी शीघ्र दस्तावेज पूरे कर मालिकाना हक के लिए आवाज उठाएं। मानवाधिकार रक्षक कमलेश कुमार ने कहा कि संगठित संघर्ष से मंजिल जरूर मिलेगी और वनाधिकार का मालिकाना हक अवश्य मिलेगा।







