स्कूल बस हादसे के बाद जागा प्रशासन, डीएम के निर्देश पर हो रहा सुरक्षित डायवर्जन मार्ग का निर्माण

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O- डीएम चर्चित गौंड के निर्देश पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के बीच अब वैकल्पिक मार्ग से होगी आवाजाही, हजारों लोगों को मिलेगी राहत

सोनभद्र (उत्तरप्रदेश)। रॉबर्ट्सगंज नगर की लाइफलाइन माने जाने वाले कलवारी–खलियारी स्टेट हाईवे पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के चलते मुख्य मार्ग बंद होने से पिछले कई दिनों से आम जनजीवन प्रभावित था। प्रतिदिन हजारों राहगीरों, स्कूली बच्चों, एम्बुलेंस, मरीजों, गर्भवती महिलाओं, किसानों, व्यापारियों और छोटे-बड़े वाहनों को जर्जर ग्रामीण मार्गों से होकर आवागमन करना पड़ रहा था। बरसात के मौसम में ये रास्ते कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए थे, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई थी।

इसी बीच जर्जर डायवर्जन मार्ग पर बच्चों को लेने जा रही एक स्कूल बस पलट गई। गनीमत रही कि चालक, परिचालक और सभी बच्चे सुरक्षित रहे, लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना था कि सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार किए बिना मुख्य सड़क को बंद करना बड़ी चूक साबित हुई।

हादसे के बाद जिलाधिकारी चर्चित गौड़ स्वयं संबंधित अधिकारियों के साथ रेलवे क्रॉसिंग स्थित निर्माण स्थल पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराए बिना निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद रेलवे और संबंधित विभागों ने तत्काल सुरक्षित डायवर्जन मार्ग तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया। गुरुवार को तहसीलदार अमित सिंह ने भी निर्माण स्थल का निरीक्षण कर रेलवे अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि वैकल्पिक मार्ग को जल्द से जल्द मजबूत, सुरक्षित और सुगम बनाया जाए ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रशासन द्वारा जारी प्रस्तावित यातायात व्यवस्था के अनुसार रेलवे क्रॉसिंग बंद रहने की अवधि में दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही सर्विस लेन और लोहिया मार्ग के माध्यम से कराई जाएगी।

रामगढ़ मार्ग एवं मेहर रोड की ओर से आने वाले वाहन तीन मीटर चौड़ी सर्विस लेन से होकर लोहिया मार्ग में प्रवेश करेंगे और वहां से रेलवे क्रॉसिंग पार कर मुख्य मार्ग तक पहुंचेंगे। वहीं रेलवे स्टेशन, दूरसंचार मार्ग और लहरी बाबा मार्ग की ओर से आने वाले वाहन भी निर्धारित सर्विस लेन के जरिए सुरक्षित रूप से मुख्य मार्ग तक पहुंच सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यातायात का दबाव कम करना तथा स्कूल बसों, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को निर्बाध एवं सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग केवल रॉबर्ट्सगंज नगर ही नहीं, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र और जिले के हजारों लोगों की दैनिक आवाजाही का प्रमुख संपर्क मार्ग है। मुख्य सड़क बंद होने के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाने के साथ-साथ खराब और जोखिम भरे रास्तों से गुजरने की मजबूरी थी। ऐसे में सुरक्षित डायवर्जन मार्ग का निर्माण शुरू होने से लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है।

हालांकि स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि केवल अस्थायी डायवर्जन बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी नियमित निगरानी, मरम्मत, जलनिकासी और पर्याप्त चौड़ाई सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। साथ ही रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए ताकि आम जनता को लंबे समय तक असुविधा का सामना न करना पड़े।

प्रशासन की त्वरित पहल के बाद अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि नया सुरक्षित डायवर्जन मार्ग दुर्घटनाओं की आशंका को कम करेगा और हजारों लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा।

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