डीएम सोनभद्र की दरियादिली, मानवता की मिसाल बना कलेक्ट्रेट का दृश्य

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अमित मिश्रा

O- दिव्यांग पत्नी को कंधों पर लाए पति को मिला प्रशासन का संबल, डीएम ने तुरंत दिलाई मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

सोनभद्र। कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को मानवता और संवेदनशील प्रशासन की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दीं। मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी बी.एन. सिंह की नजर जब उस पति पर पड़ी, जो अपनी दिव्यांग पत्नी को कंधों पर उठाकर कार्यक्रम स्थल तक लाया था, तो यह दृश्य डीएम को भीतर तक झकझोर गया।

मतदाता जागरूकता अभियान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान दीनबंधु अपनी पत्नी हीरामणि को कंधों पर बैठाकर वहां पहुंचे। हीरामणि के दोनों पैर नहीं हैं, जिससे उन्हें चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई होती है। यह मार्मिक दृश्य देखते ही जिलाधिकारी बी.एन. सिंह भावुक हो उठे और उन्होंने बिना समय गंवाए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

कुछ ही मिनटों में प्रशासन की तत्परता का परिणाम सामने आया और दिव्यांग महिला के लिए मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की व्यवस्था कराई गई। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी स्वयं आगे बढ़े और हीरामणि को कंबल एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर सम्मानित किया। अचानक मिली इस सहायता से दीनबंधु और हीरामणि की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। दीनबंधु ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि कलेक्ट्रेट परिसर में उन्हें इस तरह का सहारा और सम्मान मिलेगा।

इस अवसर पर जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। कोई भी दिव्यांग सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

कलेक्ट्रेट परिसर से सामने आया यह दृश्य न केवल संवेदनशील प्रशासन की पहचान है, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों और सहानुभूति का भी गहरा संदेश देता है।

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