रवि पाण्डेय/ अमित मिश्रा
0- इलाहाबाद हाईकोर्ट के 8 मई 2026 के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक अगली सुनवाई 3 अगस्त 2026, राज्य सरकार और कंपनियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में चल रहे एक महत्वपूर्ण खनन विवाद में बड़ा आदेश जारी करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के 8 मई, 2026 के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है जिसमें खनन संबंधी लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने के निर्देश थे। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता एम/एस मां दुर्गा माइनिंग वर्क्स की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को स्वीकार करते हुए उसे दाखिल करने की अनुमति प्रदान की और मामले की अगली सुनवाई के लिए 03 अगस्त, 2026 की तारीख तय की है। अदालत ने कहा कि इस तरह के संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले आदेशों पर सुनियोजित सुनवाई होना आवश्यक है, इसलिए हाईकोर्ट द्वारा दिए गए ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ को अगली तारीख तक लागू नहीं होने दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं और जवाबी हलफनामे तथा काउंटर हलफनामों की समय सीमा भी निर्धारित की है।

यह विवाद सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में प्रस्तावित खनन परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है, जहां पिछले कई वर्षों से खनन को लेकर पर्यावरणीय प्रभाव, स्थानीय समुदायों के अधिकारों, अवैध खनन की चिंताओं तथा प्रशासनिक स्वीकृतियों को लेकर विवाद चल रहा है। निर्भीक स्रोतों के अनुसार विवाद का मूल कारण हाईकोर्ट द्वारा जारी लेटर ऑफ इंटेंट है, जिसके तहत खनन के लिए अनुमति प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने की दिशा निर्देशित की गई थी, जिसे याचिकाकर्ताओं ने नियमों और पर्यावरणीय सिद्धांतों के खिलाफ बताया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एम/एस कंस्ट्रक्शन कंपनी को चार सप्ताह में अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा, वहीं राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जिसके बाद प्रतिवादियों को रीजॉइंडर दाखिल करने का एक अतिरिक्त सप्ताह दिया गया है। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी पक्षों को सुना जाएगा और निर्णय पूरी मजबूती से तथ्यों तथा वैधानिक मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट में 03 अगस्त, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां मामले की पूर्ण जांच और खनन स्वीकृति से जुड़ी नीतियों पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है।






