सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की कड़ी समीक्षा, तय समय में 100% कार्य पूर्ण कराने के निर्देश

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अमित मिश्रा

सोनभद्र। जनपद में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नवीन व्यवस्था के तहत सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से जिलाधिकारी बी.एन. सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों, लाभार्थीपरक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए विभागीय कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।

एनआरएलएम, शिक्षा और छात्रवृत्ति पर विशेष जोर

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एनआरएलएम समूहों के बैंक खाते खोलने और उन्हें ऋण उपलब्ध कराने की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का खंड शिक्षा अधिकारियों से निरीक्षण कराया जाए और जहां फर्नीचर, पेयजल, विद्युतीकरण, हाईटेंशन तार या कक्षों की स्थिति जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनका तत्काल आकलन कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए कि छात्रों के आवेदन पत्र विद्यालयों से शीघ्र अग्रसारित किए जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की फाइलें प्राथमिकता से निस्तारित हों

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी लोन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त उद्योग एवं एलडीएम को निर्देशित किया कि लाभार्थियों की पत्रावलियों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, ताकि युवाओं को समय पर योजना का लाभ मिल सके।

अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी

जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि सभी विभाग विकास कार्यों की गति बढ़ाएं, अन्यथा लापरवाही की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जागृति अवस्थी, हेमन्त कुमार सिंह, संतपाल, मुकुल आनन्द पाण्डेय, सुधांशु शेखर शर्मा, जय राम सिंह, विनय कुमार सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

यह समीक्षा बैठक साफ संकेत है कि जिले में अब डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग के जरिए विकास कार्यों की जवाबदेही तय की जा रही है, जिसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।

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