आदिवासी परम्परा को जीवंत बनाये रखने के लिए ऐसे आयोजन की जरूरत: शशांक शेखर

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नवीन कुमार

विश्व आदिवासी दिवस पर महाराजा मेदनी चौक निगाई में हुआ भव्य आयोजन


कोन(सोनभद्र/उत्तर प्रदेश)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज महाराजा मेदनी चौक निगाई में आदिवासी समाज द्वारा एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज मेदनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ, इसके बाद मानर की थाप पर पारंपरिक आदिवासी वाद्यों की गूंज गूंजती रही।

मुख्य अतिथि शशांक शेखर मिश्रा ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि झारखंड राज्य में उन्हें आदिवासी समाज का भगवान माना जाता है और वहां आज भी उनके आदर्शों को अपनाया जाता है।

विशिष्ट अतिथि पंकज सिंह और राजेंद्र मौर्या ने उपस्थित लोगों से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षित होना अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ अपने पारंपरिक मूल्यों को भी संरक्षित रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन और विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों में विनोद कुमार गुप्ता, भगवान सिंह गोंड, राजेंद्र चेरो, सदानंद चेरो, अमन सिंह गोंड, बेनी सिंह खरवार सहित सैकड़ों की संख्या में आदिवासी बंधु मौजूद रहे। पूरे समारोह के दौरान उत्साह और सांस्कृतिक गौरव का माहौल देखने को मिला।

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