खुलासा:कर्ज से परेशान माइक्रो फाइनेंस का एजेन्ट फर्जी लूट की घटना रची थी

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राजन

पुलिस ने मामले का 24 घंटे के अंदर किया खुलासा

सूचना देने वाले आरोपी के पास से छुपा कर रखे गए 1673000 बरामद

पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने किया पूरे मामले का खुलासा

मिर्जापुर। जनपद में जमालपुर थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम औड़ी के पास मोटरसाइकिल सवार अज्ञात बदमाशो द्वारा की गई कथित लूट की घटना का 24 घण्टे के अन्दर पुलिस ने खुलासा करते हुए लूट की घटना को फर्जी बताया। इसके साथ ही लूट की सूचना देने वाला युवक कर्ज से परेशान था इसलिए उसने झूठी लूट की साजिश रची थी। इस मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी के पास से छुपा कर रखे हुए 16.73 लाख रुपया भी बरामद कर लिया है।

जनपद पुलिस को 112 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि थाना जमालपुर के ग्राम औड़ी टियरा मोड़ के पास प्रवीण पटेल पुत्र इन्द्रपाल निवासी शिवपुर मिल्की थाना जमालपुर जनपद मीरजापुर जो कि माइक्रों फाइनेन्स कम्पनी का कैश कलेक्शन/ड्रिस्टीब्यूशन एजेन्ट है, कम्पनी की कलेक्शन का करीब 16 लाख रूपये लेकर अपने साथी दीपू खरवार पुत्र सुरेन्द्र खरवार के साथ मोटर साइकिल से घर जा रहा था, को 03 मोटर साइकिल सवार 07 व्यक्तियों द्वारा रोककर पैसो से भरा बैग छीनकर ग्राम औड़ी की ओर भाग गये । इस सूचना पर तत्काल उच्चाधिकारीगण द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया तथा सूचना कर्ता से विस्तृत पूछताछ की गयी ।

घटना के अनावरण हेतु तत्काल टीमों का गठन किया गया, जिसमें एसओजी/सर्विलांस टीम को भी शामिल किया गया । टीमों द्वारा तत्परता से पूछताछ करते हुए जहां-जहां से शिकयत कर्ता द्वारा कैश का कलेक्शन किया गया था से जूडे सभी गवाहों से पूछताछ की गयी साथ ही जिस रूट से शिकायत कर्ता घटना स्थल तक पहुचां था उस रूट के सभी सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया । जिससे स्पष्ट हुआ की जिस स्थान पर शिकायत कर्ता द्वारा घटना होना बताया जा रहा है, उस रूट पर शिकायत कर्ता के आगे या पीछे 01 घण्टे के अन्दर कोई मोटर साइकिल नही गयी है । वह सुनसान रोड़ है, जहां रात्रि में बहुत कम आवागमन होता है । जांच से ये पाया गया कि घटना से करीब आधा घण्टा पहले सूचना कर्ता द्वारा अपने तथा अपने साथी के मोबाइल फोन स्वीच ऑफ कर लिया था।

लूट की सूचना देने वाले के मामले में जब तहकीकात की गई तो पता चला कि उसके ऊपर काफी कर्ज है जिसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गईकि गयी तो वह टूट गया और उसने बताया कि वह करीब 03 वर्ष से माइक्रो फाइनेन्स कम्पनी का कैश एकत्र कर बैंकों में जमा करता है, उसके उपर करीब 07 लाख रूपये का कर्ज है साथ ही करीब 2.5 लाख रूपया प्राइवेट फाइनेन्स कम्पनी के कर्मचारीयों द्वारा उसका रोक लिया गया था वह भी वापस नही किया जा रहा है । उसको हर महीने करीब 30 हजार रूपये का व्याज भी भरना पड़ रहा है । साथ ही वह तकादा करने वालों से काफी परेशान था । जिसके कारण उसके द्वारा लूट की झूठी सूचना दी गयी, सूचना कर्ता द्वारा 16.73 लाख रूपये कैश उसके कब्जे से बरामद कर लिया गया है।

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