एनटीपीसी के स्वतंत्र निदेशक सुशील चौधरी का रिहंद नगर में भव्य स्वागत

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पीयूष कुमार

O- एक पेड़ मां के नाम’ देकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बीजपुर (सोनभद्र)। मिथिला की पुण्यभूमि से पधारे एनटीपीसी के स्वतंत्र निदेशक सुशील कुमार चौधरी का रिहंद क्षेत्र में जोरदार स्वागत किया गया। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान श्री चौधरी सबसे पहले रिहंदेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

विद्वान पंडित शिवकांति दुबे के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री चौधरी ने रिहंदेश्वर महादेव सहित अन्य देवी-देवताओं की पूजा की। इसके उपरांत आयोजित हवन में कुटुंब प्रबोधन के जिला संयोजक अनंत मोहन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सद्भाव प्रमुख अनिल त्रिपाठी, बीएमएस एनटीपीसी महासंघ के संगठन मंत्री राकेश राय, मंदिर समिति के महासचिव प्रमोद द्विवेदी, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर पुण्य अर्जित किया।

इसके बाद बीएमएस कार्यालय ठेंगड़ी भवन में पुष्पगुच्छ, माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंटकर श्री चौधरी का अभिनंदन किया गया। बीएमएस रिहंद यूनिट के अध्यक्ष राकेश राय और महामंत्री एस.एन. पाठक ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।

इस मौके पर श्री चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत में बीएमएस श्रमिक संगठन त्याग, तपस्या और समर्पण का प्रतीक है। श्रमिकों के अधिकार एवं कल्याण के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

राकेश राय ने अपने संबोधन में कहा कि विद्युत क्षेत्र में महान योगदान देने वाले आर.वी. शाही भी मिथिला की धरती के सपूत हैं और अब सुशील चौधरी जी के रूप में हमें एक और योग्य प्रतिनिधि मिला है। निश्चित रूप से उनके नेतृत्व में एनटीपीसी का विस्तार और कर्मचारियों का कल्याण नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

बीएमएस महासचिव एस.एन. पाठक ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चौधरी जी का रिंहद आना और कर्मचारियों से आत्मीय मुलाकात हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है।

अंत में सुशील चौधरी ने वनवासी सेवा कुंज आश्रम कारीडांड का भ्रमण किया। वहां सेवा कार्य में जुटे मनिराम पाल, डॉ. लालजी सुमन, शिवप्रसाद, सीताराम, मिथिलेश, परमानंद, डी.एन. सिंह, रामप्रकाश, रामकुमार आदि ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। आश्रम में उनके सेवा कार्यों की सराहना करते हुए सभी ने उनके आगमन को ऐतिहासिक बताया।

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