सरकार की तरफ से नशाखोरी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा : मृदुल मिश्रा

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अमित मिश्रा

भाजपा सरकार में सोनभद्र बना नशे की राजधानी

देश भर में हो रहे लोकसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं,वहीं सातवें चरण में तमाम सीटों सहित राबर्ट्सगंज लोकसभा क्षेत्र 80 का मतदान भी 01 जून को होने वाला है। इस बाबत सभी राजनैतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है, चुनावी मैदान में इण्डिया गठबंधन से छोटेलाल खरवार,अपना दल से रिंकी कोल और बहुजन समाज पार्टी से धनेश्वर गौतम अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। देश भर में राजनैतिक बयानबाजी का बाजार गर्म है इसी दौरान सोनभद्र से युवा कांग्रेस नेता मृदुल मिश्रा ने भाजपा की डबल इंजन सरकार को घेरते हुए सोनभद्र में नशाखोरी को बढ़ाने का आरोप लगाया है।
मृदुल मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र इस समय नशे की राजधानी बन चुका है,सरकार की तरफ से नशाखोरी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा,जिसके कारण जिले में आए दिन चोरी, लूट, छीनैती जैसी घटनाएं हो रही हैं। युवा वर्ग तेजी से इस मकड़जाल में फंसता जा रहा है और अपने नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
जहां एक तरफ पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनपद में एनसीएल, एनटीपीसी, रिहंद, डाला, चुर्क जैसी तमाम परियोजनाएं लाकर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के अवसर तैयार किए वहीं हर साल दो करोड़ रोजगार जुमला देकर नरेंद्र मोदी ने युवा वर्ग के साथ छलावा किया है। जिसका जवाब आने वाले चुनाव में युवा वर्ग जरूर देगा, रोजगार के नाम पर पकौड़े तलने की नसीहत देने वाले, सेना में अग्निवीर योजना और 48सालों में सबसे अधिक बेरोजगारी देने वाले प्रधानमंत्री की युवा विरोधी मानसिकता पूरा देश जान चुका है और इस बार देश का युवा कांग्रेस के भर्ती भरोसा कैलेंडर और युवा न्याय के तहत 30 लाख रोजगार देने और खाली पदों पर युवाओं की भर्ती के मुद्दे पर वोट दे रहा है। अब भाजपा का बोरिया बिस्तर बंधने वाला है।

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