सी एस पाण्डेय
सोनभद्र । उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारियों की लंबे समय से चल रही मांगों पर आखिरकार सरकार ने सहमति जताई है। प्रदेशभर से हजारों की संख्या में लखनऊ पहुंचे एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास का घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने तत्काल सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया।
वार्ता के दौरान संगठन ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को जोर-शोर से रखा, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने पांच मांगों पर सहमति देते हुए त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया। सबसे अहम फैसला अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर लिया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानांतरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से आगे बढ़ाया जाएगा और एक-दो दिन के भीतर संबंधित आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
इसके साथ ही डाटा इंट्री ऑपरेटरों के समायोजन, कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ, कार्यक्षेत्र के दायरे का विस्तार और ईपीएफ संबंधी मुद्दों को भी प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को उनकी मांगों से जुड़े हर अपडेट सीधे उनके कार्यालय से मिलते रहेंगे।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई इस वार्ता में प्रदेश महामंत्री आदित्य भारती, उपाध्यक्ष राम प्रताप सिंह, रविंद्र राठी, सत्येंद्र पांडेय, पुष्पेंद्र शुक्ला और रविंद्र शुक्ला शामिल रहे। वार्ता के बाद कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखा गया। संगठन ने सरकार के सकारात्मक रवैये पर आभार जताते हुए उम्मीद जाहिर की कि बाकी लंबित मांगों पर भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में अहम भूमिका निभाई है, ऐसे में उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सरकार द्वारा मिली सहमति को कर्मचारियों ने अपनी संघर्ष की जीत बताया है।







