मन्दिर के प्रमाण मिलने वाले स्थलों को छोड़ सौहार्द का परिचय दें मुस्लिम: योगाचार्य डॉ विपिन जोशी

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डॉ मुजम्मिल दानिश

देहरादून से निकली 5100 किलोमीटर यात्रा स्वामी विवेकानंद जयन्ती पर जनपद में पहुंची

राट्र की मुख्यधारा में शामिल होने की लोगो से किया अपील

अल्पसंख्यकों को खोदाखोदी एवं ताकाझांकी छोड़ने की उन्होंने नसीहत दी

सम्भल(उत्तर प्रदेश)। स्वामी विवेकानंद की जयन्ती पर देहरादून से जनपद में 5100 किलोमीटर का स्वामी विवेकानंद सनातन जनजागरण यात्रा के प्रतिनिधि और योगाचार्य डॉ विपिन के नेतृत्व में पहुंची , तो वही मुस्लिम बाहुल्य इलाके में स्थित कार्तिकेय महादेव मन्दिर का 46 वर्ष बाद कपाट खुला जहाँ सन्तो ने पूजा अर्चना कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान यात्रा का नेतृत्व कर रहे योगाचार्य डॉ विपिन जोशी महाराज ने मुस्लिमों से सौहार्द का परिचय देते हुए मंदिर के प्रमाण वाले स्थलों को हिंदुओं को सौप सौहार्द का उदाहरण देने की अपील किया।

5100 किलोमीटर की यात्रा का नेतृत्व कर रहे योगाचार्य ने कहा कि यह यात्रा का द्वितीय चरण जो देहरादून से शुरू होकर पुनः देहरादून पहुंच कर सम्पन्न होगी। इस दौरान यह यात्रा सम्भल, बरेली,प्रयागराज कुम्भ, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या धाम, लखनऊ,मथुरा,वृंदावन,दिल्ली होकर देहरादून पहुंचेगी। यह यात्रा स्वामी विवेकानंद की सोच भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में बड़ा अध्यात्मिक कदम है।

योगाचार्य ने कहा कि हमारी मुस्लिम भाईयो से अपील है कि जहां जहां मन्दिर के प्रमाण मिल रहे हैं उन स्थलों को हिंदुओं को सौंपकर सौहार्द का उदाहरण दें। संभल में 46 साल बाद मंदिर के मिलने,हरिहरमंदिर के अवशेष मिलने व राममंदिर की वर्षगांठ को उन्होंने विश्व में भारत की विजय पताका फहरने का संकेत बताया। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों को खोदाखोदी एवं ताकाझांकी छोड़ने की नसीहत दी। वहीं लोगों से राट्र की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील किया।

स्वामी विवेकानंद सनातन जनजागरण यात्रा 5100 किलोमीटर की पदयात्रा है। आध्यात्मिक गुरु योगाचार्य डॉ. विपिन जोशी महाराज के संभल के रहट वाला मंदिर कोट पूर्वी पहुंचेगी। यात्रा के दौरान यह अभियान हनुमान मंदिर, खग्गू सराय स्थित कार्तिकेश्वर में दर्शन के लिए किए। तत्पश्चात यह जनजागरण यात्रा आज प्रयागराज महाकुंभ की ओर प्रस्थान करेगी। यह यात्रा सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं और मूल्यों को पुनर्स्थापित करने के साथ-साथ सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दे रही है।

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