माइक्रो फाइनेंस कम्पनियो के कर्मचारियो पर उत्पीड़न का आरोप

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अमित मिश्रा

पीड़ितों ने सदर कोतवाली में एप्लीकेशन देकर लगाई गुहार

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जनपद में सदर कोतवाली क्षेत्र के मधुपुर गांव व उसके आसपास के गांवों में आए दिन माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कर्मचारियो द्वारा बदतमीजी व उत्पीड़न करने जैसे मामले सुनने को मिल रहे हैं। वहीं कई पीड़ितों ने थाने व पुलिस चौकी में शिकायत पत्र देकर लगाए न्याय की गुहार लगाया है।

वही पीड़िता सुषमा देवी ने कहा कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियां गरीब , मजदूर और शोषित वर्ग के लोगों को विकास का झांसा देकर अत्यधिक ब्याज दर पर कर्ज देती है । ये उस स्तर से आते हैं जो प्रतिदिन मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते है । इनकी मजबूरी का फायदा उठाकर माइक्रोफाइनेंस कम्पनियों द्वारा अत्यधिक ब्याज पर कर्ज देकर इनको जानबूझकर इस तरह के कर्ज के जाल में फसाया जाता है। 

इस कर्ज को हर हफ्ते भरनी होती है, आय नही होने के कारण किस्त भरना ही पड़ता है। जब किसी कारणवश या आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण ये साप्ताहिक किस्त भरने में कभी कभी चूक जाते या असमर्थ हो जाते है तो इन कंपनियों के द्वारा वसूली के लिए जो लोग भेजे जाते है , वे इनके घरों में घुसकर महिलाओं के साथ , पुरुषों के साथ दुर्व्यवहार करते है। 

माइक्रो फाइनेंस कम्पनियों के लोग कोई किस्त नहीं जमा किया तो उसे सरकारी सुविधाओं से वंचित हो जाओगे इत्यादि तरह तरह से डराने का प्रयास करते है। एक समूह का कर्ज भरने के लिए इन्हें फिर दूसरी समूह से कर्ज लेना पड़ता है, जिसके कारण ये लगातार भारी संख्या में सूदखोरी का शिकार हो रहे है। किस्त वसूलने के लिए इनसे जबरन इनके गहने, पशु और यहां तक कि बर्तन तक बेचने को मजबूर करते है और समय समय पर प्रशासन को बुलाकर किस्त भरने के लिए दबाव डलवाते है। इनके इसी डर के कारण कई लोग गांव छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए । वही पीड़ित ने मामले में जांच करा कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

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