सोनभद्र – भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) के बैनर तले शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों, मजदूरों एवं आम नागरिकों से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
किसानों ने आरोप लगाया कि सेवा सहकारी समितियों पर खाद, बीज, यूरिया एवं डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने नहरों की सफाई, क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित करने तथा कृषि विभाग की योजनाओं में पारदर्शिता लाने की मांग की। साथ ही किसानों एवं मजदूरों पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कर न्याय दिलाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में नगवा विकासखंड क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से संबंधित शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा किसानों एवं मजदूरों के बच्चों को विद्यालयों में संविधान संबंधी शिक्षा प्रदान करने की मांग भी की गई।
इस दौरान संगठन ने राष्ट्रपति के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र भी जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने, देशभर में शिक्षा एवं चिकित्सा व्यवस्था को पूर्णतः निशुल्क करने, किसानों का कर्ज माफ करने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की समीक्षा करने तथा वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग शामिल है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) व्यापक एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगा।
प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष संत श्यामसुन्दर दास, जिलाध्यक्ष प्रयागराज पासवान, रमाशंकर, लालबहादुर, अशोक विश्वकर्मा, सरोज देवी, प्रभा, सरस्वती, रेनू देवी, परमेश्वर प्रजापति, कमलेश मौर्य, रेखा देवी, शांति, रामदास, रामचंद्र, मंगल, राधा देवी, केदारनाथ, हनुमान प्रजापति, गणेश सहित बड़ी संख्या में किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






