राजा सत्यव्रत की रक्षा के लिए भगवान नारायण ने मत्स्य रूप धारण किया:मनोहर कृष्ण

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अमित मिश्रा(8115577137)

सोनभद्र। स्थानीय नगर के श्रीराम जानकी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस वृंदावन से पधारे आचार्य मनोहर कृष्ण महाराज के द्वारा सूर्यवंश के वंशावली का विस्तार से वर्णन किया गया। राजा सत्यव्रत की रक्षा करने के लिए भगवान नारायण मत्स्यरूप धारण करके आगे आये। 

मां गंगा सगर के पुत्रों पर कृपा करती हैं, भागीरथ के कठोर तपस्या से गंगा मृत्यु लोक में आई और सगर के 60000 पुत्रों को मुक्त किया। महाराज खटवांग ढाई घंटे में ही भगवान नारायण को प्राप्त कर लिया हम और आप यदि सच्चे मन से घंटे दो घंटे भगवान का भजन करें तो भगवान हमारे ऊपर अवश्य कृपा करेंगे। भक्त के ऊपर भगवान के प्रति विश्वास होना चाहिए विश्वासो फलदायकः यदि विश्वास होगा तो आपको फल की प्राप्ति होगी।

राम कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि महाराज दशरथ के ऊपर गुरुदेव एवं यज्ञ भगवान की कृपा से चार पुत्रों का जन्म हुआ राम कथा का विस्तार से वर्णन किया भगवान ने शबरी पर कृपा की साबरी भील जाति में थी आदिवासी होने के बाद भी भगवान जात पात नहीं देखते भगवान भक्त के भाव को देखते हैं शबरी के अंदर भाव था कि भगवान आकर के मेरे यहां भोग लगाए भगवान जाकर के सवरी के यहां झूठ बेरो का भोग लगाया आगे चलते हुए चंद्रवंश के वंशावली का वर्णन करते हुए राजा रंग की देव के राज्य में अकाल पड़ गया भगवान स्वयं भिखारी का भेष धारण करके परीक्षा लेने के लिए आए और राजा रंतिदेव परीक्षा में पास हुए भगवान कृष्ण का बड़े धूमधाम से जन्मोत्सव मनाया गया सभी भक्त कृष्ण जन्मोत्सव का आनंद लिया।

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