आयुष चिकित्सालयों के पास हर्बल गार्डेन स्थापित किया जाय:जिलाधिकारी

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अमित मिश्रा

सोनभद्र(उत्तर प्रदेश)। जिला स्वास्थ्य समिति शासनादेशानुसार जिले में बेहतर जन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए समयबद्ध तरीके से कार्य करें, केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाए जायें। उक्त बातें जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में जिलाधिकारी ने कही।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं को निर्धारित समयान्तर्गत पूर्ण करने , जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्राप्त होने वाली धनराशि का भुगतान निर्धारित समयावधि में करने व गर्भवती महिलाओं का प्रसव चिकित्सालयों में किया जाये सुनिश्चित किया जाय।

जिलाधिकारी बीएन सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुईं। जिलाधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत भुगतान एवं टीकारण के प्रगति के समीक्षा करते हुए एमवाईसी को निर्देशित करते हुए कहा कि जननी सुरक्षा के अन्तर्गत प्रसव के उपरान्त महिलाओं का भुगतान ससमय सुनिश्चित किया जाये, इसमें किसी स्तर पर लापरवाही न बरती जायें। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं अस्पतालों में ही की जाये, यह भी सुनिश्चित किया जाये कि गर्भवती महिलाओं की डिलिवरी घर पर न होने पायें, इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाये कि घर पर डिलिवरी होने पर अनेक प्रकार की समस्याएं होने की संभावनाएं बनी रहती है।

इस दौरान उन्होंने आयुष, आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सालयों में तैनात चिकित्सकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी ने सम्बन्धित चिकित्साधिकारियों को दियें, उन्होंने कहा कि जनपद में आयुष, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक चिकित्सा विधि से लोगों को क्या-क्या लाभ होते हैं और किन-किन बीमारियों का बेहतर इलाज होता है, इसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर कैम्प लगाकर जन मानस के बीच में किया जाये।

आयुर्वेदिक/आयुष चिकित्सालयों के पास हर्बल गार्डेन स्थापित किये जाये, 14 अप्रैल को डॉ0 भीम राव अम्बेडकर की जयंती के अवसर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किये जायें, इस दौरान उन्होंने कहा कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में ओ0आर0एस0 ग्लूकोज के पैकेट उपलब्ध है, का वितरण सभी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ ही आशा, एएनएम, प्राथमिक विद्यालयों में भी उपलब्ध कराया जाये। इस दौरान जिलाधिकारी ने निजी चिकित्सालयों के निरीक्षण कार्यो की भी समीक्षा की, समीक्षा के दौरान निजी चिकित्सालयों के नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राइवेट चिकित्सालयों का रोस्टर बनाकर निरीक्षण किया जाये और उसकी मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाये जिन अस्पतालांे में मौके पर डाक्टर उपलब्ध न हो उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

उन्होने कहा कि जिला चिकित्सालय समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दों पर मरीजो को दवा अस्पताल परिसर से उपलब्ध करायी जाये बाहर की दवा मरीजों को न लिखी जायें। उन्होने कहा कि जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र से सम्बन्धित रिपोर्ट अधिशासी अधिकारी नगर पालिका , नगर पंचायत और जिला पंचायत राज अधिकारी समय से जारी कराना सुनिश्चित करें।

इसी प्रकार से जिलाधिकारी ने सुरक्षित मातृ वन्दना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, फैमिली प्लानिंग, नियमित टीकाकरण के प्रगति की गहन समीक्षा किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आरबीएसके टीम के भ्रमण की मानीटरिंग नियमित रूप से की जाये। सीएचसी व पीएचसी पर रैण्डम आधार पर निरीक्षण किया जाये, समीक्षा के उपरान्त जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि आम जनमानस को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने हेतु केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जो भी योजनाएं हैं, उनका क्रियान्वयन निर्धारित समय के अन्तर्गत पूर्ण किया जाये, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता व लापरवाही कदापि न बरती जाये।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) सहदेव कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 अश्वनी कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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