स्वच्छता ही सेवा अभियान को मुहं चिढ़ाता विद्यालय परिसर में उगी घास

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अमित मिश्रा

जंगल के गांव में सफाई कर्मी नही जाते गांव

ग्राम प्रधान की बड़ी लापरवाही विद्यालय परिसर का हैंडपंप खराब

शौचालय अधूरा घर से पानी लेकर जाते है बच्चे स्कूल

सोनभद्र। केन्द्र व प्रदेश सरकार के निर्देश पर 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया ,इसके साथ ग्रामीण सफाईकर्मी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण की मुहिम अपने दायित्वों से व अधिकारियों तक पहुच बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रो में साफ-सफाई यहाँ तक कि सरकारी विद्यालयों में सफाई का आलम है यह आपको यह तस्वीर और ग्रामीणों की बात से स्पष्ट हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार नगवां विकास खण्ड में ग्राम पंचायत बैजनाथ के प्राथमिक विद्यालय परिसर में घास-फूस जमा हुआ है ग्रामीण नंदू शर्मा ने बताया कि आज तक कोई सफाईकर्मी गांव में नही आया है। ग्राम प्रधान और अधिकारियों के संरक्षण में घर पर रहकर ही अपने वेतन का लाभ उठा रहा है। यही वजह है कि ग्राम पंचायत की नालियों सहित प्राथमिक विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा है हर रोज बच्चे इसी घास फूस से होकर विद्यालय में प्रवेश करते है जिससे कि तमाम प्रकार के विषैले सापों के काटने का खतरा बना रहता है।


विद्यालय के भवन ऐसे है जैसे की कई दशकों से इनकी रंगाई पुताई नहीं की गई है जबकि हर वर्ष सरकार रंगाई पुताई हेतु विद्यालय प्रबंधन समिति और प्रभारी प्रधानाचार्य के सह खातों में पर्याप्त धन देती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के नाते प्रधानाचार्य द्वारा सरकारी धन का बंदर बांट कर लिया जाता है ।ग्राम पंचायत में सरकारी भवन ग्राम प्रधान के अधीन होते है ऐसे में इस प्रकार की लापरवाही में ग्राम प्रधान की मौन सहमति है।


ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप वर्षो से खराब पड़ा है, शौचालय भी अधूरा है व गड्ढे भी अधूरे है उनको ढाका नही गया है। पानी पीने के लिए बच्चे अपने घर से बोतल में पानी लेकर विद्यालय जाते है , अधूरे पड़े शौचालय के वजह से बच्चे शौच के लिए बाहर जाते है।


एक ओर जहां सरकार हर वर्ष शिक्षा बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए भारी भरकम बजट खर्च कर रही है। वही ग्राम प्रधान और शिक्षा विभाग के मिलीभगत से सरकारी धन का बंदर बांट कर लिया जाता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए विद्यालय परिसर में साफ सफाई और पेयजल की व्यस्था करने के लिये सम्बन्धित को आदेशित करने की मांग किया है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान को जिला प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़े ही जोरशोर से चलाया गया लेकिन जमीनी हकीकत ही कुछ और है जो एक नजीर आपके सामने है।

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