विक्रान्त
डीआईजी जेल एसके मैत्रेय ने की निलंबन की कार्रवाई
जिला जज , जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण में हुआ था खुलासा
सिद्धार्थनगर(यूपी)। जनपद के जिला कारागार में गांजा बिकवाने के गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद डीआईजी जेल एसके मैत्रेय ने डिप्टी जेलर त्रिलोकी नाथ, हेड वार्डन फूलचंद यादव, वार्डन उमेश कुमार और एक अन्य जेल कर्मी सौरभ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तीन दिन पहले ही कर दी गई थी जिसकी पुष्टि जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने की हैं।
आपको बताते चले कि 25 सितंबर को जिला जज, जिलाधिकारी डॉ राजा गणपति आर और पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान पाक्सो एक्ट के तहत एक बंदी ने जिलाधिकारी से मिलने की गुहार लगाई और जोर-जोर से आवाज लगाने लगा । इस पर जिलाधिकारी का ध्यान उस बंदी की तरफ गया और बंदी को जिलाधिकारी ने जब बुलाया तो उस बंदी ने बताया कि जेल में गांजा बेचा जाता है, यही नहीं उस बंदी ने माचिस के डिब्बी में छिपाए गए गांजा 20 ग्राम गांजा को भी दिखाया और उस स्थान की भी जानकारी दी जहां पर गांजा छुपा कर रखा गया था, इसके साथ ही 4 मोबाइल भी बरामद कराए।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के साथ शासन को पत्र भी लिखा था। इसकी जांच में पूछताछ के दौरान बंदी ने डिप्टी जेलर पर जेल में गांजा बिकवाने जैसा गंभीर आरोप लगाया और बताया कि जेल में अगर गांजा न बिके तो पिटाई की जाती है। इस काम में जेल के चार अन्य जेल कर्मी भी शामिल है।
इस बीच डीआईजी जेल एसके मैत्रेय ने भी तीन दिन पूर्व गांजा मिलने के आरोपों की जांच की थी और प्रथम दृष्टया डिप्टी जेलर समेत चार अन्य जेलकर्मियों की भूमिका इस मामले में संदिग्ध पाए जाने पर डीआईजी जेल ने डिप्टी जेलर त्रिलोकी नाथ, हेड वार्डन फूलचंद यादव, जेल वार्डन उमेश कुमार और अन्य जेल कर्मी सौरभ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।







