चकबंदी घोटाले के खिलाफ किसानों के आंदोलन को जन अधिकार पार्टी का मिला समर्थन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

अमित मिश्रा

O- 45वें दिन धरना स्थल पर पहुंचे पदाधिकारी,


O- 1986 से लटकी चकबंदी प्रक्रिया में घोटाले का आरोप, जन अधिकार पार्टी ने सौंपा समर्थन पत्र


घोरावल (सोनभद्र) । भैसवार गांव में 1986 से लंबित चकबंदी प्रक्रिया में धांधली और भू-माफियाओं से मिलीभगत के आरोपों को लेकर जारी किसानों के धरना-प्रदर्शन को मंगलवार को जन अधिकार पार्टी का समर्थन मिला। धरने के 45वें दिन पार्टी के जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों का हौसला बढ़ाया और समर्थन पत्र सौंपा।

धरना स्थल पर पहुंचे प्रदेश महासचिव भागीरथी सिंह मौर्य ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया में 38 साल से हो रही देरी साबित करती है कि अधिकारियों और भू-माफियाओं की मिलीभगत से किसानों की जमीन हड़पने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी और किसानों की लगातार उपेक्षा लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है। जन अधिकार पार्टी किसानों के साथ अन्याय को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी।

नए सिरे से हो चकबंदी
पार्टी जिलाध्यक्ष आदित्य मौर्य ने मांग की कि 1992 में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेश के तहत चकबंदी प्रक्रिया को शून्य मानकर नए सिरे से निष्पक्ष तरीके से चकबंदी कराई जाए ताकि किसानों के साथ न्याय हो सके।

जनहित में न्यायपूर्ण समाधान जरूरी
पार्टी के मंडल उपाध्यक्ष विजयमल मौर्य और मंडल सचिव श्रीपति विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार निष्पक्ष चकबंदी कराकर अन्नदाताओं के हक की रक्षा करे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
धरना स्थल पर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में जिला महासचिव रविरंजन शाक्य, विधानसभा अध्यक्ष विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, मुलायम सिंह, राकेश कुमार, चंद्रशेखर आजाद मौर्य, सुख्खू मौर्य, गुलाब मौर्य, विजयमल मौर्य, श्रीपति विश्वकर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

किसानों का ऐलान: न्याय मिलने तक धरना जारी रहेगा
धरना स्थल पर मौजूद भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष बिरजू कुशवाहा ने साफ किया कि जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1543
वोट करें

भारत की राजधानी क्या है?